Bihar Flood: बिहार बाढ़ पर तेजस्वी का केंद्र पर वार,45 लाख प्रभावित, फिर भी मोदी-शाह खामोश

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की भयावह होती तस्वीरों के बीच नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और बिहार से जुड़े केंद्रीय मंत्रियों पर तीखा हमला बोला है। ...

बाढ़ पर तेजस्वी का केंद्र पर वार- फोटो : reporter

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की भयावह होती तस्वीरों के बीच नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और बिहार से जुड़े केंद्रीय मंत्रियों पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि राज्य में बाढ़ से व्यापक तबाही के बावजूद केंद्र की तरफ से अपेक्षित मदद और राहत का ऐलान नहीं किया गया। उन्होंने बिहार के सात केंद्रीय मंत्रियों और 30 सांसदों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में बिहार की आवाज बुलंद करने वाला कोई नजर नहीं आ रहा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने सिलसिलेवार पोस्ट में तेजस्वी ने गुजरात और बिहार के हालात की तुलना करते हुए केंद्र सरकार पर कथित भेदभाव का इल्जाम लगाया। उन्होंने कहा कि गुजरात में महज भारी बारिश या स्थानीय जलभराव की स्थिति में प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री सक्रिय हो जाते हैं, जबकि बिहार में बड़ी आबादी के प्रभावित होने के बावजूद केंद्र की तरफ से कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही।तेजस्वी ने दावा किया कि गुजरात में बारिश के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हालात की जानकारी ली, जबकि एयरफोर्स और एनडीआरएफ को अलर्ट किया गया। उन्होंने पुराने बाढ़ संकट का हवाला देते हुए कहा कि गुजरात में प्रधानमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण किया और 500 करोड़ रुपये के पैकेज के साथ सेना, वायुसेना और एनडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव में लगाई गई थीं।

इसके बरक्स तेजस्वी ने बिहार की स्थिति को लेकर कहा कि राज्य में 50 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों मवेशियों के लापता होने और हजारों करोड़ रुपये के नुकसान के साथ करीब 45 लाख लोग प्रभावित हैं। उनका सवाल है कि ऐसी विकट परिस्थिति में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री से फोन पर भी बात क्यों नहीं की?आरजेडी नेता ने बिहार में आकाशीय बिजली यानी ठनका गिरने से होने वाली मौतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में लोग ठनका गिरने से जान गंवाते हैं, लेकिन इसे राष्ट्रीय आपदा की सूची में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने गुजरात में बारिश से मौत पर मिलने वाली केंद्रीय सहायता का हवाला देते हुए बिहार के लिए भी समान व्यवस्था की मांग उठाई।

तेजस्वी ने बिहार के सात केंद्रीय मंत्रियों पर भी सियासी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कभी बिहार के केंद्रीय मंत्रियों का दिल्ली में रुतबा हुआ करता था, लेकिन आज सात मंत्री होने के बावजूद राज्य के हक में केंद्र पर दबाव बनाने की ताकत नजर नहीं आती। उन्होंने इन्हें ‘फुस्स फुलझड़ी’ करार देते हुए कहा कि आपदा के वक्त सभी खामोश हैं।तेजस्वी ने यह भी सफाई दी कि विपक्ष में रहते हुए केंद्र से राहत पैकेज की मांग करना बिहार के हित में है। उनके मुताबिक केंद्र से मिलने वाला पैकेज राज्य सरकार के जरिए जनता तक पहुंचेगा, इसलिए इसमें उनका कोई निजी सियासी फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद बिहार और बिहारियों के हक की आवाज उठाना है।

आरजेडी नेता ने अंत में बिहार के लोगों से सवाल किया कि आखिर आपदा के समय केंद्र की तरफ से राज्य को अपेक्षित सहायता क्यों नहीं मिल रही है। उनका आरोप है कि चुनावी राजनीति से इतर अब बिहार के हक, हिस्सेदारी और सम्मान पर गंभीर बहस की जरूरत है।

रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह