लोकभवन मार्च के दौरान तेजस्वी यादव हिरासत में, SDPO की गाड़ी में बैठाकर ले गई पुलिस, पटना में भारी बवाल
तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान भी हुई। करीब तीन बैरिकेडिंग पार करने के बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव को डिटेन कर लिया
Bihar News : पटना में चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में गुरुवार को महागठबंधन का प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता लोकभवन की ओर मार्च कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने सचिवालय के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की।
तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान भी हुई। करीब तीन बैरिकेडिंग पार करने के बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव को डिटेन कर लिया। उनके साथ विकासशील इंसान पार्टी (VIP) प्रमुख मुकेश सहनी को भी हिरासत में लिया गया।
SDPO की गाड़ी में बैठाकर ले गई पुलिस
हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी को SDPO की गाड़ी में बैठाकर ले गई। तेजस्वी यादव जिस पुलिस वाहन में बैठे थे, उसके ऊपर विधायक और महागठबंधन के कई कार्यकर्ता चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि SIR की शुरुआत बिहार से हुई थी और महागठबंधन लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहा है और अब इससे जुड़े कई सवाल सामने आ रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के दबाव में काम किया। हालांकि ये विपक्ष के आरोप हैं। चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को लगातार खारिज करते रहे हैं।
प्रदर्शन में कई नेता हुए शामिल
महागठबंधन के इस प्रदर्शन में राजद, कांग्रेस, माले समेत सहयोगी दलों के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। वहीं राजद एमएलसी उर्मिला ठाकुर डफली बजाकर नारेबाजी करती नजर आईं। राजद के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए उन्हें फांसी देने की मांग तक कर दी।
‘इलेक्शन कमीशन कॉम्प्रोमाइज है’: शकील अहमद खान
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने पुलिस की कार्रवाई पर कहा कि किसी भी तरह की हिरासत से महागठबंधन का कारवां रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया जाए तो इसे लेकर सवाल उठेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘इलेक्शन कमीशन कॉम्प्रोमाइज है।’ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम हाथों में हथकड़ी लगाकर संविधान की कॉपी के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। कांग्रेस आज काला दिवस मना रही है।
माले के पूर्व विधायक बेहोश हुए
प्रदर्शन के दौरान माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा बेहोश हो गए। सड़क पर कुछ लोग उन्हें संभालते दिखे।
जिला मुख्यालयों पर भी महागठबंधन का प्रदर्शन
पटना में लोकभवन मार्च के साथ ही महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर भी धरना-प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों में SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की गई। महागठबंधन ने इसे लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़ा मुद्दा बताते हुए अपना विरोध जारी रखने की बात कही है।
रंजन की रिपोर्ट