बाढ़, कानून व्यवस्था और केंद्र सरकार पर आक्रामक हुए तेजस्वी यादव, कहा- 'बिहार के मंत्रियों में अब कोई हैसियत नहीं बची'
बिहार में बाढ़ और कानून व्यस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य और केन्द्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। तेजस्वी ने आरोप लगाया है कि राज्य में 45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह उदासीन बनी हुई है.....
Patna : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ के विकराल होते हालात, कानून व्यवस्था, केंद्रीय मंत्रियों की कार्यप्रणाली और हालिया राजनीतिक मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में 45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह उदासीन बनी हुई है।
बाढ़ और आपदा पर केंद्र सरकार की विफलता
रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि राघोपुर में नदी के कटाव को लेकर उन्होंने पीएम को पत्र लिखा था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में हर तरफ आग लग रही है और सरकारी खजाना खाली है। उन्होंने मांग की थी कि बिहार की इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के माध्यम से राहत सामग्रियां वितरित की जाएं, लेकिन एनडीए के इतने सारे सांसदों और मंत्रियों में से कोई भी सुध लेने वाला नहीं है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाया कि वे बिहार की सुधि लेने तक नहीं आए।
केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए नेताओं पर तीखा तंज
केंद्र सरकार के मंत्रियों पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि पहले के केंद्रीय मंत्री काफी प्रभावशाली हुआ करते थे, लेकिन वर्तमान केंद्रीय मंत्री "प्याज छीलने लायक" भी नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी भी मंत्री में अब इतनी हैसियत नहीं बची है कि वे बिहार के लिए कोई विशेष पैकेज लेकर आ सकें। गुजरात से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि वहां पानी बरसने पर प्रधानमंत्री तुरंत पैकेज का ऐलान कर देते हैं, लेकिन बिहार को सिर्फ ठेंगा मिलता है। क्या प्रधानमंत्री बिहार को देश से अलग समझते हैं? वे सिर्फ चुनाव के समय वोट लेने और लिट्टी-चोखा खाने आते हैं। वहीं, चिराग पासवान के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर उन्होंने कहा कि उनकी औकात यह होनी चाहिए कि वे केंद्र सरकार से बिहार के लिए बड़ी मदद लेकर आएं।
BRICS सम्मेलन और सम्राट चौधरी पर चुटकी
ब्रिक्स सम्मेलन में कई मुख्यमंत्रियों को बुलाए जाने और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आमंत्रण न मिलने के सवाल पर तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि वे कितने योग्य हैं, यह सब जानते हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कहीं ऐसा न होता कि वहां वे रूस के राष्ट्रपति पुतिन को ही कह देते कि "ज्यादा व्याकुल नहीं होना है"।
सहरसा में पत्रकारों की पिटाई और अराजकता
सहरसा में पत्रकारों के साथ अस्पताल में हुई मारपीट की घटना पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पूरी तरह अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। हर कोई पीट रहा है, मंत्रियों और अन्य रसूखदारों के दौर में पत्रकारों तक को नहीं बख्शा जा रहा है और कोई देखने वाला नहीं है।
सीतामढ़ी घटना और चरमराई कानून व्यवस्था
सीतामढ़ी की हालिया घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। राज्य का गृह विभाग कैसे चल रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। जब एक जनप्रतिनिधि की बात पुलिस नहीं सुन रही है, तो आम जनता की फरियाद कौन सुनेगा।
रंजन की रिपोर्ट