Bihar News : पीएम सूर्य घर एवं पीएम-कुसुम योजनाओं को गति देने पर केंद्र एवं बिहार में सहमति, ‘सोलर दीदी’ मॉडल पर हुई चर्चा

बिहार में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में प्रगति की रफ्तार तेज करने के लिए गुरुवार को एक बेहद महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी शामिल हुए.......पढ़िए आगे

बिहार और केंद्र में सहमती - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी की उपस्थिति में गुरुवार को संकल्प, 1 अणे मार्ग में बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति, आगामी कार्ययोजना तथा विभिन्न अक्षय ऊर्जा योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम, यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन (ULA), फ्लोटिंग सोलर, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS), ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, लघु जल विद्युत परियोजनाओं, सरकारी भवनों के सोलेराइजेशन तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान बिहार के ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) अजय यादव (भा.प्र.से.) ने प्रस्तुतीकरण (PPT) के माध्यम से राज्य में संचालित नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं, प्रगति, उपलब्धियों तथा भावी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई), भारत सरकार के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए हरसंभव तकनीकी, नीतिगत एवं वित्तीय सहयोग प्रदान करती रहेगी। हरित ऊर्जा परियोजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए मंत्रालय बिहार सरकार के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार द्वारा अपनाए गए ULA मॉडल की सराहना करते हुए राज्य सरकार को स्वीकृत परियोजना का क्रियान्वयन तेज गति से सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में लगभग 1.25 लाख इंस्टॉलेशन की संतोषजनक प्रगति प्राप्त होने पर अतिरिक्त 2.50 लाख उपभोक्ताओं के लिए भी स्वीकृति प्राथमिकता के आधार पर प्रदान करने पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए विभाग को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुँचाने के लिए जन-जागरूकता, बैंकिंग समन्वय तथा जिला स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने 'सूर्य मित्र' कार्यक्रम की तर्ज पर "सोलर दीदी" जैसी पहल विकसित करने का सुझाव भी दिया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तथा रूफटॉप सोलर के प्रति जन-जागरूकता को और बल मिलेगा। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि बिहार सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है तथा राज्य की अपार संभावनाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर, पीएम-कुसुम तथा अन्य अक्षय ऊर्जा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार होगा !बैठक में बताया गया कि राज्य में लगभग ₹1.35 लाख करोड़ के निवेश वाली विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।  प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया  कि यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन (ULA) मॉडल के अंतर्गत वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा 2.50 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा योजना का विस्तार कर लगभग 10 लाख उपभोक्ताओं तक लाभ पहुंचने का प्रस्ताव भारत सरकार को उपलब्ध कराया गया है। इस योजना के अंतर्गत RESCO मॉडल के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिना किसी अग्रिम लागत के रूफटॉप सोलर उपलब्ध कराया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने सभी जिलों में समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने, अधिकाधिक विक्रेताओं को सक्रिय करने तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को और मजबूत बनाने पर बल दिया। साथ ही मॉडल सोलर विलेज तथा सरकारी भवनों के सोलराइजेशन के कार्यों में भी तेजी लाने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना की समीक्षा के दौरान कृषि फीडरों के सोलरीकरण तथा कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर कहा गया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर एवं पीएम-कुसुम जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य सरकार पर बिजली सब्सिडी का बोझ कम होगा, कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा तथा उद्योगों को भी दीर्घकाल में प्रतिस्पर्धी दरों पर विद्युत उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत सरकार राज्यों को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास विभिन्न योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं तथा बिहार यदि योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करता है तो आवश्यक वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृतियाँ 'First Come, First Serve' के आधार पर प्रदान की जा रही हैं, इसलिए बिहार को उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाते हुए तेजी से आगे बढ़ना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने फ्लोटिंग सोलर, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS), लघु जल विद्युत परियोजनाओं तथा ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर जैसी उभरती हुई नवीकरणीय ऊर्जा पहलों में भी बिहार को सक्रिय रूप से आगे बढ़ने का सुझाव दिया तथा इन क्षेत्रों में उपलब्ध केंद्रीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए समय पर प्रस्ताव तैयार करने और आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने पर बल दिया। बैठक में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के सचिव संतोष कुमार सारंगी वीसी के माध्यम से तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार (भा.प्र.से.), बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत (भा.प्र.से.),  एमएनआरइ के संयुक्त सचिव अनुपम कुमार (भा.प्र.से.), मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह (भा.प्र.से.), नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार (भा.प्र.से.), बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी (भा.प्र.से.), साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल (भा.प्र.से.), बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विशाल राज (भा.प्र.से.) सहित मंत्रालय एवं ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।