सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के विवादित फैसले पर लिया स्वतः संज्ञान, 'महिला का 'सलवार हटाना' व 'छाती दबाना' दुष्कर्म की कोशिश नहीं' वाली टिप्पणी पर जताई आपत्ति

Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने कहा था की महिला का सलवार हटाने का प्रयास करना और उसकी छाती दबाना दुष्कर्म के प्रयास की परिभाषा में नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया है.....पढ़िए आगे

सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट के एक निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने गत दिनों एक केस पर सुनवाई के दौरान कहा था कि महिला का सलवार हटाने की कोशिश और छाती दबाना दुष्कर्म की परिभाषा में नहीं आता हैं। यह छेड़खानी हो सकता हैं।

 सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहाना की पीठ ने सुनवाई की। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी का पक्ष सुनने के बाद उन टिप्पणियों को हटाया जा सकता है। कोर्ट ने बिहार के महाधिवक्ता को स्थानीय पुलिस के माध्यम से आरोपी को नोटिस तामील कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट ने गत 9 जुलाई को अपने आदेश में कहा था कि प्रवेश या बलात्कार के इरादे को स्पष्ट रूप से स्थापित करने वाले किसी प्रत्यक्ष कृत्य के साक्ष्य के अभाव में आरोप धारा 376 सहपठित 511 आईपीसी के तहत बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में नहीं आता हैं। अधिक से अधिक यह धारा 354 आईपीसी के तहत छेड़खानी का मामला बनता है।

कोर्ट के इसी निष्कर्ष और टिप्पणियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है।