Bihar News : परिवहन विभाग ने प्रदेश भर में शुरू किया अतिक्रमण हटाओ अभियान, डीटीओ को नियमित मॉनिटरिंग और कार्रवाई का आदेश

PATNA : प्रदेश की सड़कों को सुरक्षित और जाम मुक्त बनाने के लिए परिवहन विभाग ने एक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान का शंखनाद कर दिया है। विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमें अब जिलों में सड़कों, चौराहों और फुटपाथों को अवैध कब्जों से मुक्त कराएंगी। इस संबंध में परिवहन सचिव राज कुमार ने सभी जिलों के जिला परिवहन अधिकारियों (DTO) को कड़े निर्देश जारी करते हुए नियमित मॉनिटरिंग और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

दुर्घटनाओं पर लगाम और पैदल यात्रियों की सुरक्षा 

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को नीचे लाना और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना है। परिवहन सचिव ने स्पष्ट किया कि सड़कों के किनारे होने वाले अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो जाती हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होती है बल्कि हादसों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। विशेषकर फुटपाथों पर कब्जे के कारण पैदल चलने वालों को मुख्य सड़क पर आना पड़ता है, जो जानलेवा साबित होता है।

जेसीबी और पुलिस बल के साथ संयुक्त कार्रवाई 

परिवहन विभाग ने इस ड्राइव को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम, स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया है। अभियान के दौरान मुख्य सड़कों, चौराहों और हाईवे पर लगे अवैध ठेले, दुकानें, शेड और अस्थायी निर्माणों को जेसीबी मशीन की मदद से हटाया जा रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अवैध सामग्री भी जब्त की जाएगी।

आपातकालीन सेवाओं की राह होगी आसान 

अतिक्रमण हटाने का एक बड़ा लक्ष्य एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता साफ करना भी है। सचिव राज कुमार के अनुसार, सड़कों पर अवैध पार्किंग और कब्जों की वजह से अक्सर जीवन रक्षक सेवाओं को गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है। इस अभियान के बाद सड़कों की चौड़ाई और दृश्यता (Visibility) में सुधार होगा, जिससे यातायात का प्रवाह सुचारु हो सकेगा।

नियमित मॉनिटरिंग के लिए डीटीओ को निर्देश 

अभियान को केवल एक बार की कार्रवाई तक सीमित न रखकर इसे निरंतर चलाने की योजना है। सभी जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संयुक्त टीमों का गठन करें और अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करें। विभाग का लक्ष्य है कि एक बार अतिक्रमण हटने के बाद उन स्थानों पर दोबारा कब्जा न हो पाए, इसके लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर एक सख्त निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है।