बेंगलुरु से दबोचे गए पटना के दो टॉप-10 कुख्यात अपराधी, घोषित था 4 लाख का इनाम

पटना पुलिस और बिहार एसटीएफ (STF) की टीम ने एक संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिला के दो टॉप-10 कुख्यात अपराधियों को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है ।

Patna - पटना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे पटना जिले के दो टॉप-10 कुख्यात अपराधियों, मानिक सिंह उर्फ बाबू और मनोज सिंह उर्फ साहब को गिरफ्तार कर लिया गया है । इन दोनों अपराधियों को गुप्त सूचना के आधार पर विशेष कार्य बल (STF), बिहार और छापामारी दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है । गिरफ्तारी के समय ये दोनों अपराधी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए काफी समय से दूसरे राज्य में छिपे हुए थे । 

इनामी अपराधियों पर था भारी इनाम

गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शंभुपूरा गांव के निवासी हैं । इनकी कुख्याति और लंबे समय से फरार रहने के कारण पुलिस मुख्यालय द्वारा इनके ऊपर भारी इनाम की घोषणा की गई थी । मनोज सिंह उर्फ साहब पर 3,00,000 (तीन लाख) रुपये और मानिक सिंह उर्फ बाबू पर 1,00,000 (एक लाख) रुपये का नकद पुरस्कार घोषित था । पुलिस इन्हें पकड़ने के लिए काफी समय से छापेमारी कर रही थी 

40 से अधिक संगीन मामलों का इतिहास

इन दोनों कुख्यात अपराधियों का आपराधिक इतिहास अत्यंत काला और भयावह रहा है । पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन दोनों पर संयुक्त रूप से 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं । इनमें हत्या (धारा 302), हत्या का प्रयास (धारा 307), रंगदारी (धारा 386/387) और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं । इनके खिलाफ न केवल पटना के विभिन्न थानों में, बल्कि झारखंड के जमशेदपुर (बिष्टुपुर थाना) में भी हत्या के मामले दर्ज हैं । 

नौबतपुर और आसपास के क्षेत्रों में था आतंक

इन अपराधियों का मुख्य प्रभाव क्षेत्र नौबतपुर, बिहटा, दानापुर और फुलवारीशरीफ रहा है । मानिक सिंह उर्फ बाबू पर अकेले 22 मामले दर्ज हैं, जिसमें वर्ष 2025 तक के नवीनतम कांड भी शामिल हैं । वहीं, मनोज सिंह उर्फ साहब का आपराधिक सफर वर्ष 1989 से शुरू हुआ था और उन पर अब तक 20 गंभीर कांड दर्ज पाए गए हैं । इन पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं । 

पुलिस की बड़ी उपलब्धि

नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी), पटना के कार्यालय द्वारा इस गिरफ्तारी को एक महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है । एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के इस सफल ऑपरेशन से इलाके में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है । पुलिस अब इन अपराधियों से पूछताछ कर रही है ताकि इनके अन्य सहयोगियों और भविष्य की योजनाओं का पता लगाया जा सके। इस कार्रवाई से पटना के पश्चिमी इलाकों में सुरक्षा का माहौल और मजबूत होने की उम्मीद है।


रिपोर्ट - अनिल कुमार