Bihar Traffic Drive: बिहार में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं! हो जाएं सावधान! चौक-चौराहों और चेकपोस्ट पर सख्त निगरानी, इस दिन तक चलेगा महा-अभियान

Bihar Traffic Drive: हेलमेट-सीटबेल्ट से लेकर नाबालिगों की ड्राइविंग तक पर परिवहन विभाग का शिकंजा, चौक-चौराहों और चेकपोस्ट पर सख्त निगरानी; खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही

: बिहार में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं!- फोटो : social Media

Bihar Traffic Drive:  बिहार में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों पर नकेल कसने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राज्यभर में 20 अक्टूबर तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत हेलमेट और सीटबेल्ट के बगैर वाहन चलाने वालों, नाबालिगों की ड्राइविंग और दूसरे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। महज पिछले 10 दिनों में 16 हजार से अधिक ई-चालान जारी किए गए हैं, जबकि इन मामलों में करीब 15.5 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि निर्धारित की गई है।

16 हजार चालान से मचा हड़कंप, विभाग ने बढ़ाई सख्ती

परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने विभिन्न जिलों में जांच अभियान तेज कर दिया है। परिवहन सचिव राज कुमार के निर्देश पर कार्रवाई को धार देने के साथ ही अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम करने को कहा गया है। विभाग का साफ संदेश है कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जांच की रफ्तार बढ़ाने और प्रतिदिन की प्रगति पर नजर रखने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अभियान में लापरवाही बरतने और खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

चौक-चौराहों से चेकपोस्ट तक सख्त निगरानी

विशेष अभियान के तहत जिला परिवहन पदाधिकारी, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक और प्रवर्तन अवर निरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख चौक-चौराहों और चेकपोस्टों पर वाहनों की सघन जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित वाहन चालक के खिलाफ ई-चालान जारी किया जाएगा।

हेलमेट और सीटबेल्ट पर खास नजर

दोपहिया वाहन चालकों के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, चारपहिया वाहनों में चालक और यात्रियों के लिए सीटबेल्ट का इस्तेमाल सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। विभाग का मानना है कि हेलमेट और सीटबेल्ट दुर्घटना के दौरान गंभीर चोटों तथा मौत के जोखिम को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन नियमों की अनदेखी को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

नाबालिगों की ड्राइविंग पर भी शिकंजा

नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों को भी अभियान में प्रमुखता दी गई है। विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें और उनकी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार रवैया अपनाएं।

मकसद सिर्फ जुर्माना नहीं, सड़क सुरक्षा भी

परिवहन विभाग के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य महज चालान काटकर जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी बढ़ाना भी है। अब देखना होगा कि 20 अक्टूबर तक चलने वाला यह विशेष अभियान बिहार की सड़कों पर नियमों के पालन और दुर्घटनाओं में कमी लाने में कितना कारगर साबित होता है।

हीरेश कुमार