परिवहन मंत्री ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक: परमिट, ई-चालान और ईवी नीति की प्रगति का लिया जायजा, कार्यों में विलंब पर शोकॉज

पटना के फुलवारीशरीफ स्थित परिवहन परिसर में परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होनें कार्यो में लापरवाही और सुस्ती बरतने वाले कर्मियों को शोकॉज नोटिश जारी करने का आदेश दिए....

परिवहन ने दिए सख्त निर्देश- फोटो : रिपोर्टर

Patna : परिवहन मंत्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को परिवहन परिसर, फुलवारीशरीफ स्थित मुख्यालय में सभी प्रशाखाओं के कार्यों की एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन सचिव राज कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विभिन्न प्रशाखाओं द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों के निष्पादन तथा विभागीय सेवाओं को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।


सुस्ती बरतने वाले कर्मियों को शोकॉज जारी करने का आदेश

बैठक के दौरान परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने दो टूक निर्देश दिया कि विभागीय कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी पदाधिकारी व कर्मी पूरी तन्मयता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की सफलता सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करती है और योजनाओं का लाभ आम जनता तक समय पर पहुंचना चाहिए। कार्यों में अनावश्यक देरी या जवाबदेही की कमी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति न दिखाने वाले तथा शिथिलता बरतने वाले पदाधिकारियों व कर्मियों को शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया गया।


अंतरराज्यीय परिवहन व्यवस्था का विस्तार, अब तक 1,568 परमिट किए गए निर्गत 

राज्य के भीतर और अंतरराज्यीय मार्गों पर बस परिचालन के लिए परमिट वितरण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि राज्य में कुल 7,818 मार्ग अधिसूचित हैं, जिनमें से दो से अधिक प्रमंडलों वाले मार्गों पर राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा अब तक 1,568 परमिट जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2026 में अब तक 385 नए परमिट बांटे गए हैं। बिहार और झारखंड के बीच 913, पश्चिम बंगाल के लिए 373, ओडिशा के लिए 81, उत्तर प्रदेश के लिए 67, छत्तीसगढ़ के लिए 37 और हरियाणा के लिए 33 परमिट निर्गत किए गए हैं, जबकि अन्य कई राज्यों के साथ नए समझौतों की प्रक्रिया भी जारी है।


प्रभावी हुई ई-चालान व्यवस्था, आरसी और डीएल स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराने का निर्देश 

यातायात नियमों के उल्लंघन पर नकेल कसने के लिए वर्ष 2019 से प्रभावी ई-चालान प्रणाली की समीक्षा की गई, जिसमें टोल प्लाजा के ई-डिटेक्शन पोर्टल और पटना, नालंदा, मुजफ्फरपुर व भागलपुर के स्मार्ट सिटी कैमरों की मदद ली जा रही है। प्रवर्तन अधिकारियों को 501 और पुलिस-यातायात अधिकारियों को 2,269 हैंड हेल्ड डिवाइस दिए गए हैं। इसके अलावा, परिवहन सचिव श्री राज कुमार ने वाहन निबंधन प्रमाण-पत्र (आरसी) और ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के स्मार्ट कार्ड की छपाई व वितरण समय पर तथा उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।


बिहार ईवी नीति 2026 और पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत चार्जिंग स्टेशनों के विकास पर जोर 

बैठक के अंत में बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 और पीएम ई-ड्राइव योजना के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। राज्य परिवहन आयुक्त ने बताया कि राज्य में 462 ईवी चार्जिंग स्थलों की पहचान की गई है, जिनमें से पहले चरण में 73 स्थलों का सर्वेक्षण पूरा कर 58 को भारी उद्योग मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है, और दूसरे चरण का काम जारी है। सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के साथ-साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है।


धीरज की रिपोर्ट