बिक्रम में बिजली का करंट लगने से दो भैंसों की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर एनएच-139 को किया जाम
Patna : जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-139 पर स्थित गोरखनाथ पेट्रोल पंप के समीप शनिवार को बिजली विभाग की लापरवाही ने एक गरीब पशुपालक को भारी क्षति पहुँचाई। बीते दिन आई तेज आंधी के कारण खेत में गिरे बिजली के पोल और लटकते तारों की चपेट में आने से दो दुधारू भैंसों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
मृत पशुओं की पहचान मसौढ़ा तेलपा गांव निवासी सुरेंद्र पासवान की भैंसों के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र अपनी भैंसों को चराने के लिए रोजाना की तरह एनएच के किनारे ले गया था। इसी दौरान भैंसें चरते-चरते पास के एक खेत की ओर चली गईं, जहाँ आंधी से टूटा हुआ बिजली का खंभा और प्रवाहित तार जमीन के काफी करीब लटक रहे थे। जैसे ही भैंसें तार के संपर्क में आईं, उन्हें जोरदार करंट लगा और मौके पर ही दोनों की जान चली गई।
हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृत भैंसों के शव को एनएच-139 पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली विभाग को जर्जर पोलों और गिरे हुए तारों की कोई परवाह नहीं है, जिसके कारण आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। सड़क जाम होने की वजह से मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारी पीड़ित पशुपालक के लिए तत्काल सरकारी मुआवजे की मांग कर रहे थे।
सूचना मिलते ही बिक्रम थाना पुलिस और मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन की टीम मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिलवाने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद करीब दो घंटे बाद जाम हटाया गया और यातायात सुचारू हो सका। पशु चिकित्सा टीम ने मृत मवेशियों का पोस्टमॉर्टम और कागजी प्रक्रिया पूरी की।
दूसरी ओर, बिजली विभाग के कनीय अभियंता (JE) ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें आंधी के कारण पोल टूटने की कोई पूर्व सूचना नहीं मिली थी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि किसी ग्रामीण ने विभाग को समय पर सूचित किया होता, तो बिजली काट दी जाती और इस दुर्घटना को टाला जा सकता था। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग के इस तर्क को खारिज करते हुए इसे कर्मचारियों की घोर लापरवाही करार दिया है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।