महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में गिराकर कांग्रेस ने आपातकाल के बाद एक और कलंक का टीका अपने माथे पर लिया : विजय कुमार सिन्हा
Patna : केन्द्र की मोदी सरकार पहली बार संसद में पहली बार किसी बिल को पास करने में नाकाम रही है। आज लोकसभा में लाया गया महिला आरक्षण से जुड़े तीनो बिल गिर गए है। दो दिनों तक लगातार चली चर्चा के बाद आज आज शुक्रवार, 17 अप्रैल के शाम हुई वोटिंग में ये बिल गिर गया है। ये संविधान संशोधन बिल पारित नहीं हो सका। इस बिल के लेकर हुए मतदान में कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया। बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया।
इधर बिल के पास नहीं होने के बाद बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व बीजेपी विधायक विजय कुमार सिन्हा की कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने एक बार फिर महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात किया है। देश की आधी आबादी को उनका हक दिलाने वाले महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में सिर्फ 54 वोटों से हराने की साजिश रची गई। यह विपक्ष का वही चेहरा है जिसने पहले भी महिला आरक्षण का विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि जहां भाजपा पूरी गंभीरता और ईमानदारी से महिला सशक्तीकरण के लिए प्रयासरत है, वहीं कांग्रेस सदन में बहाने बनाकर इसे गिराने में लगी रही। महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का यह ऐतिहासिक अवसर कांग्रेस की नकारात्मक सोच के कारण हाथ से निकल गया।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस, राजद और सपा जैसी पार्टियों के लिए राजनीति महिलाओं के भविष्य से ज़्यादा मायने रखती है। कांग्रेस और विपक्षी दलों की महिला विरोधी सोच का खामियाजा हमारे देश की महिलाओं को उठाना पड़ेगा। देश की महिलाओं के लिए भाजपा सत्ता के दरवाजे खोलने के लिए जी-जान से जुटी थी।
महिलाओं के प्रति उनके इस अपराध का उत्तर जनता अवश्य देगी। देश की बहनें-बेटियां कांग्रेस को उनकी इस घृणित प्रयास के लिए कभी माफ नहीं करेंगी।
पटना से वंदना