Patna Ganga Drowning: कर्मा-धरमा के बाद गंगा में काल का कहर, महिला समेत दो बच्चियां डूबीं, तीनों लापता
Patna Ganga Drowning: राजधानी पटना से सटे मनेर में कर्मा-धरमा पर्व के बाद बुधवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया....
Patna Ganga Drowning: राजधानी पटना से सटे मनेर में कर्मा-धरमा पर्व के बाद बुधवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। हल्दी छपरा स्थित गंगा नदी में काश से बने झूर को प्रवाहित करने गई एक महिला और उसकी दो भतीजियां गहरे पानी में डूब गईं। हादसे के बाद तीनों के लापता होने से इलाके में कोहराम मच गया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक मंगलवार की रात कर्मा-धरमा पर्व मनाया गया था। बुधवार सुबह व्रत करने वाली संजू देवी (36) अपनी दो भतीजियों प्रीति कुमारी (14) और अंजलि कुमारी (13) के साथ हल्दी छपरा गंगा घाट पहुंची थीं। तीनों काश से बने झूर को गंगा में प्रवाहित करने गई थीं। इसी दौरान गहरे पानी में जाने के कारण तीनों अचानक डूब गईं।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तत्काल स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया। गोताखोर गंगा में उतरकर तीनों की तलाश में जुटे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी का सुराग नहीं मिल सका था।डूबने वालों की पहचान हल्दी छपरा सात आना निवासी संजू देवी, पति बब्बन राय, प्रीति कुमारी, पिता बलराम राय और अंजलि कुमारी, पिता राजेंद्र राय के रूप में हुई है।सभी डूबे लोग एक ही परिवार के हैं। डूबी महिला संजू देवी की दोनों किशोरी रिश्ते में भतीजी लगती है।
घटना की खबर फैलते ही गंगा घाट पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर गुजरते पल के साथ परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों की ओर से प्रशासन से मांग की गई है कि तलाशी अभियान तेज किया जाए।
घटना ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा इंतजामों और गहरे पानी वाले हिस्सों में सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल तीनों की तलाश जारी है और परिजन किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज