भाजपा के नवनिर्वाचित MLA पर युवक को पटक-पटक कर पीटने का गंभीर आरोप,केस दर्ज
भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक सह पूर्व मंत्री एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. उन पर एक स्थानीय युवक ने उन पर अंगरक्षकों के साथ मिलकर पटक-पटककर मारने और जातिसूचक गाली देने का गंभीर आरोप लगाते हुए बनमनखी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है.
बिहार के पूर्णिया जिले की बनमनखी विधानसभा सीट से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं।एक स्थानीय युवक संजीव कुमार ने विधायक और उनके दो अंगरक्षकों पर मिलकर बुरी तरह मारपीट करने और जातिसूचक गाली देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में बनमनखी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। संजीव कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 27 नवंबर 2025 की रात लगभग 8:30 बजे, जब वह हनुमान नगर के पास अपने कर्मी से बातचीत कर रहा था, तभी विधायक की गाड़ी पास आई। विधायक के पूछने पर उसने अपना नाम-पता बताया। इसके बाद विधायक के कहने पर अंगरक्षकों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और जब उसने विरोध किया, तो विधायक के आदेश पर अंगरक्षकों ने उसे जमीन पर गिराकर बुरी तरह पीटा, जिससे वह जख्मी हो गया।
विधायक ने आरोपों को नकारा; दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज
पीड़ित संजीव कुमार ने मारपीट के बाद अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी में अपना इलाज कराया और फिर थाने में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कराया। वहीं, विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। विधायक का कहना है कि जब वे रास्ते से गुजर रहे थे, तब संजीव कुमार ने सड़क किनारे मोटरसाइकिल लगाकर खड़े होकर उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर पुकारा। जब विधायक ने उसे समझाने की कोशिश की, तो वह अंगरक्षकों से उलझ गया, जिसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बाद में स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर झगड़े को शांत कराया। बनमनखी थानाध्यक्ष संजय कुमार ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों की ओर से थाने में आवेदन प्राप्त हुए हैं और जाँच के बाद ही उचित कार्यवाई की जाएगी।
पूर्व में दर्ज हो चुके हैं कई क्रिमिनल केस
विधायक कृष्ण कुमार ऋषि, जिनकी उम्र 49 साल है, वे नीतीश कुमार की कैबिनेट में बिहार के पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं। वर्तमान में उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार उन पर कोई क्रिमिनल केस नहीं चल रहा है, लेकिन अतीत में वे कई कानूनी विवादों में रहे हैं। 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान उनके खिलाफ दो क्रिमिनल केस और 2015 के विधानसभा चुनावों के दौरान छह क्रिमिनल केस दर्ज किए गए थे। इस ताजा मारपीट के मामले में दोनों पक्षों के आवेदन के बाद पुलिस की जाँच का इंतजार है।