आधी रात 12:01 बजे पूर्णिया में लहराया तिरंगा, झंडा चौक पर उमड़ा जनसैलाब, क्या है 60 साल पुरानी रवायत,पढ़िए
Purnia Independence Day: पूर्णिया के ऐतिहासिक झंडा चौक पर 14 और 15 अगस्त की दरम्यानी रात आजादी का जश्न अनोखे अंदाज में मनाया गया।
Purnia Independence Day: पूर्णिया के ऐतिहासिक झंडा चौक पर 14 और 15 अगस्त की दरम्यानी रात आजादी का जश्न अनोखे अंदाज में मनाया गया। देश के ज्यादातर हिस्सों में जहां 15 अगस्त की सुबह तिरंगा फहराया जाता है, वहीं पूर्णिया और सीमांचल के लोगों ने आधी रात को ही राष्ट्रध्वज फहराकर अपनी ऐतिहासिक रवायत को कायम रखा।
रात जैसे ही 12 बजकर 1 मिनट हुए, भट्ठा बाजार स्थित झंडा चौक पर मौजूद हजारों लोगों के बीच देशभक्ति का जोश उमड़ पड़ा। ऐतिहासिक फ्लैग पोस्ट पर शान से तिरंगा लहराया गया। इस दौरान भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
झंडा चौक को आजाद भारत में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने की ऐतिहासिक याद से जोड़ा जाता है। यही वजह है कि हर साल स्वतंत्रता दिवस की दरम्यानी रात यहां का माहौल बेहद खास हो जाता है। हजारों लोग इस ऐतिहासिक लम्हे का गवाह बनने के लिए देर रात तक यहां जमा रहे।
राष्ट्रध्वज के फहरते ही लोगों ने एक-दूसरे को आजादी की मुबारकबाद दी। बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। तिरंगे की रोशनी और देशभक्ति के जज्बे ने पूरे झंडा चौक को गौरव और उमंग से भर दिया।वहीं स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूर्णिया के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में तिरंगा फहराया। इस दौरान देश की एकता, अखंडता और शहीदों की कुर्बानी को याद किया गया।
पूर्णिया का यह आधी रात वाला जश्न महज एक रस्म नहीं, बल्कि इतिहास, विरासत और देशभक्ति से जुड़ी वह रवायत है, जिसे सीमांचल के लोग हर वर्ष पूरे शान-ओ-शौकत के साथ जिंदा रखते हैं।