Bihar News : सहरसा एग्रीकल्चर कॉलेज में छात्र की मौत पर भारी बवाल, कैंपस में एम्बुलेंस न होने पर भड़के छात्र, जमकर किया हंगामा

Bihar News : सहरसा एग्रीकल्चर कॉलेज में छात्र की मौत हो गयी. लेकिन छात्रों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब कैम्पस में एक भी एम्बुलेंस नहीं था......पढ़िए आगे

छात्र की मौत - फोटो : CHHOTU SARKAR

SASARAM : जिले के अगवानपुर स्थित मंडल भारती कृषि महाविद्यालय (एग्रीकल्चर कॉलेज) में एक छात्र की दुखद मौत के बाद परिसर में भारी आक्रोश व्याप्त है। कॉलेज के छात्र रोहित कुमार, जो कुछ दिन पूर्व एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस खबर के कॉलेज पहुँचते ही साथी छात्रों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

लापरवाही का गंभीर आरोप

आक्रोशित छात्रों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि कॉलेज प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण रोहित को समय पर इलाज नहीं मिल सका। छात्रों का कहना है कि दुर्घटना के बाद कॉलेज परिसर में एम्बुलेंस या किसी चारपहिया वाहन की कोई व्यवस्था नहीं थी। घायल रोहित को अस्पताल पहुँचाने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी और इलाज में हुई इसी देरी के कारण अंततः उसकी जान चली गई। छात्रों का मानना है कि यदि कैंपस में बुनियादी सुविधा होती, तो रोहित आज जीवित होता।

प्रिंसिपल को हटाने की मांग

छात्र अपनी मांगों को लेकर कॉलेज कैंपस में ही धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मुख्य मांग है कि इस बड़ी लापरवाही के लिए कॉलेज के प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाए। इसके साथ ही छात्रों ने कैंपस के भीतर 24 घंटे एम्बुलेंस की उपलब्धता, एक सुसज्जित प्राथमिक उपचार केंद्र की स्थापना और वहाँ एक डॉक्टर की स्थायी नियुक्ति की मांग की है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

मुआवजे और न्याय की गुहार

प्रदर्शनकारी छात्रों ने मृतक रोहित कुमार के परिवार के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कॉलेज प्रबंधन से उचित मुआवजे की मांग की है। छात्रों ने कहा कि एक होनहार छात्र की जान जाने की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन को लेनी चाहिए। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची, लेकिन छात्र उच्चाधिकारियों को बुलाने और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे।

यूनिवर्सिटी प्रशासन का आश्वासन

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, सबौर से वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम विशेष रूप से सहरसा पहुँची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से लंबी बातचीत की और उनकी सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का भरोसा दिलाया। यूनिवर्सिटी प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कैंपस में स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल नहीं हुईं, तो वे दोबारा उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।

छोटू सरकार की रिपोर्ट