सहरसा में खुला आधुनिक 'आधार सेवा केंद्र': बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता, कई सेवाएं मुफ्त

सहरसा में खुला आधुनिक 'आधार सेवा केंद्र- फोटो : छोटू सरकार

Saharsha : जिले के आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। जिले में अब लोगों को बेहतर, सुगम और त्वरित आधार सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा आधुनिक सुविधाओं से लैस एक नया “आधार सेवा केंद्र” प्रारंभ किया जा रहा है। इस अत्याधुनिक केंद्र की शुरुआत होने से अब स्थानीय निवासियों को आधार कार्ड से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और तकनीकी सुधारों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस केंद्र पर एक ही छत के नीचे आधार से संबंधित तमाम डिजिटल सुविधाएं आम जनता को मिलनी शुरू हो जाएंगी।


बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को कतार से मिलेगी मुक्ति

इस नए आधार सेवा केंद्र की सबसे बड़ी और खास विशेषता यह है कि यहाँ बुजुर्ग नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इन श्रेणियों के आवेदकों को लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार न करना पड़े, इसके लिए केंद्र पर 'प्राथमिकता सेवा' (Priority Service) की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। इसके अलावा शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा, आरामदायक बैठने की उचित व्यवस्था और उनकी मदद के लिए हमेशा तत्पर सहयोगी स्टाफ (Help Desk) की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।


सरकारी गाइडलाइन के तहत सिर्फ तय शुल्क ही देय

प्रशासन और यूआईडीएआई (UIDAI) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह आधार सेवा केंद्र पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण में नागरिकों को अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। केंद्र पर आधार से जुड़ी सभी तरह की संशोधन और अपडेट प्रक्रियाएं सरकार द्वारा निर्धारित तय शुल्क पर ही की जाएंगी। अधिकारियों ने आम जनता और सभी जिलावासियों से पुरजोर अपील की है कि वे आधार संबंधी किसी भी काम के लिए केवल इसी अधिकृत केंद्र पर जाएं और किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आकर निर्धारित सरकारी शुल्क से अधिक का भुगतान बिल्कुल न करें।


बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट और नया नामांकन बिल्कुल फ्री

सहरसा के इस नए केंद्र पर मिलने वाली मुख्य तकनीकी सेवाओं की बात करें तो यहाँ नया आधार नामांकन पूरी तरह से निःशुल्क (Free of Cost) किया जाएगा। इसके अलावा मोबाइल नंबर लिंक कराना, ईमेल आईडी जोड़ना, स्थानीय पता सुधारना और फोटो व फिंगरप्रिंट जैसे बायोमेट्रिक डेटा को अपडेट करने की सुविधा मिलेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार के नियमों के मुताबिक 5 से 7 वर्ष तथा 15 से 17 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) की सेवा भी पूरी तरह से मुफ्त प्रदान की जाएगी, ताकि उनका डेटा हमेशा अद्यतन रहे।


छोटू सरकार की रिपोर्ट