सहरसा में प्राकृति का कहर : पत्रकार के घर पर गिरा विशाल पेड़, घर की छत और दीवारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त

Saharsa : जिले में प्रकृति का कहर देखने को मिला है। बीती रात (30 अप्रैल 2026) नवहट्टा थाना क्षेत्र के बराही में आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। हाटी पंचायत अंतर्गत बराही वार्ड संख्या 14 में तेज हवाओं के कारण एक विशालकाय वृक्ष उखड़कर घरों पर गिर गया, जिससे भारी वित्तीय क्षति हुई है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में 'न्यूज4नेशन' के सहरसा रिपोर्टर छोटू सरकार का घर भी आ गया, जिससे उनके परिवार को काफी नुकसान झेलना पड़ा है।


देर रात मची चीख-पुकार 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आंधी इतनी भीषण और डरावनी थी कि लोग अपने घरों में दुबक गए। इसी बीच अचानक एक पुराना और भारी वृक्ष भरभराकर पत्रकार छोटू सरकार और उनके पड़ोसियों के घरों पर जा गिरा। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घर की छत और दीवारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। तूफान के शांत होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में मदद की।


अंचलाधिकारी से मुआवजे की गुहार 

घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने प्रशासनिक मदद के लिए कदम उठाया है। आवेदक श्रीमती मात्रिका देवी और पत्रकार छोटू सरकार ने संयुक्त रूप से नवहट्टा अंचल कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन दिया है। उन्होंने अंचलाधिकारी (सीओ) श्रीमती मोनी कुमारी, नाजीर और संबंधित कर्मचारी को घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए घर की क्षति के बदले उचित सरकारी मुआवजे की मांग की है। आवेदन में नुकसान का आकलन कर जल्द सहायता राशि प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।


प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा 

नवहट्टा अंचल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच का आश्वासन दिया है। अंचलाधिकारी ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के तहत क्षतिपूर्ति का प्रावधान है और हल्का कर्मचारी को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया है कि रिपोर्ट तैयार होते ही बिहार सरकार के नियमानुसार मुआवजे की राशि जल्द से जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।


जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त 

इस भीषण आंधी ने बराही और आसपास के इलाकों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जगहों पर बिजली के खंभे गिरने और पेड़ों के टूटने से आवागमन और विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए ताकि अन्य पीड़ित परिवारों को भी राहत मिल सके। फिलहाल, अंचल प्रशासन नुकसान की सूची तैयार करने में जुटा है।

छोटू सरकार की रिपोर्ट