सहरसा में आवास योजना का बड़ा खेल: कर्ज लेकर दी रिश्वत, फिर भी झोपड़ी में रहने को मजबूर महिला
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित लाभुक बबिता देवी ने आरोप लगाया है कि आवास सहायक और उनके दलालों ने सूची में नाम जोड़ने के बदले उनसे ₹2,000 की रिश्वत ली।
Saharsa - सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के हाटी पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और वसूली का मामला उजागर हुआ है. आवास सहायक और उनके दलालों पर गरीब परिवारों से सूची में नाम जोड़ने के एवज में रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं.
कर्ज लेकर दी रिश्वत, फिर भी झोपड़ी में रहने को मजबूर
हाटी पंचायत की पीड़ित लाभुक बबिता देवी ने खुलासा किया कि आवास योजना में नाम जुड़वाने के लिए उन्होंने कर्ज उठाकर 2,000 रुपये की राशि दी थी. लाभुक का आरोप है कि आवास सहायक फैसल रहमानी और उनके साथ घूमने वाले दलालों ने धमकी दी थी कि पैसा नहीं देने पर लिस्ट से नाम काट दिया जाएगा. रिश्वत देने के दो महीने बीत जाने के बाद भी बबिता देवी आज भी झोपड़ी में ही रहने को विवश हैं.
अपात्रों को मिल रहा लाभ, नियमों की अनदेखी
इस पूरे प्रकरण में नियमों को ताक पर रखने का भी आरोप है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रिश्वत के बल पर कई ऐसे धनी व्यक्तियों के नाम आवास सूची में जोड़ दिए गए हैं, जिनके पास पहले से ही पक्का मकान मौजूद है. आरोप है कि आवास सहायक फैसल रहमानी अक्सर दलालों के साथ पंचायत में घूमते हैं और 'फोन पे' या नकद के माध्यम से अवैध उगाही का खेल चल रहा है.
प्रशासनिक चुप्पी और कार्रवाई की मांग
जब इस फर्जीवाड़े की पुष्टि के लिए आवास सहायक को फोन किया गया, तो उन्होंने कॉल काट दिया और कोई जवाब नहीं दिया. इस मामले के सामने आने के बाद अब स्थानीय स्तर पर नवहट्टा बीडीओ प्रिया भारती और डीडीसी कुमार गौरव से मामले में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि छोटे अधिकारियों की इन हरकतों से पूरी सरकारी व्यवस्था पर दाग लग रहा है, जिस पर कड़ी कार्रवाई आवश्यक है
Report - chhotu sarkar