सहरसा पुलिस का 'सुपरफास्ट' एक्शन: 36 घंटे में छोटू मिश्रा हत्याकांड का खुलासा, 5 गिरफ्तार
सहरसा पुलिस अधीक्षक के नेत्रित्व में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चर्चित छोटू मिश्रा हत्याकांड का मात्र 36 घंटों के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। न केवल सभी शूटरों को धर दबोचा है बल्कि काण्ड में प्रयुक्त हथियारों का जखीरा और कारतूस बरामद कर लिया है
बिहार के सहरसा जिले में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चर्चित छोटू मिश्रा हत्याकांड का मात्र 36 घंटों के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। 13 मार्च 2026 को सदर थाना क्षेत्र के मीरा टॉकीज के समीप बाइक सवार अपराधियों ने छोटू मिश्रा को सरेआम गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना के तुरंत बाद सक्रिय हुई पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और त्वरित छापेमारी के जरिए मुख्य शूटरों सहित कुल 5 अभियुक्तों को दबोच लिया है।
SIT के गठन और शूटरों की गिरफ्तारी से मिली सफलता
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। सीसीटीवी फुटेज के सूक्ष्म विश्लेषण और मानवीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले मुख्य शूटर रोहित कुमार उर्फ मिट्ठू को पड़ोसी जिले सुपौल से गिरफ्तार किया। इसके बाद एक अन्य शूटर नवनीत कुमार को विद्यापति नगर से पकड़ा गया। इन दोनों की निशानदेही पर हत्या में शामिल और हथियार छिपाने में मदद करने वाले तीन अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
हथियारों का जखीरा और कारतूस बरामद
गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने सौरभ कुमार मिश्रा के घर पर छापेमारी कर हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। तलाशी के दौरान पुलिस को 4 पिस्टल, 1 रिवॉल्वर, 1 देशी कट्टा, 2 मैगजीन और 12 जिंदा कारतूस (7.65 mm और 9 mm) मिले हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल एक चाकू भी बरामद किया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि अपराधी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे।
पुरानी रंजिश और प्रतिशोध बनी हत्या की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि छोटू मिश्रा की हत्या किसी तात्कालिक विवाद में नहीं, बल्कि गहरी और पुरानी रंजिश के कारण की गई है। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, अगस्त 2019 में मिहीर त्रिवेदी उर्फ करण टाइगर की हत्या हुई थी, जिसमें मृतक सतीश झा उर्फ छोटू मिश्रा मुख्य आरोपी था। माना जा रहा है कि करण टाइगर की हत्या का बदला लेने के लिए ही इस पूरी साजिश को रचा गया और छोटू मिश्रा को मौत के घाट उतारा गया।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच जारी
सहरसा पुलिस ने इस मामले में सदर थाना कांड सं. 273/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। गिरफ्तार किए गए सभी 5 आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और बरामद हथियारों को बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हत्याकांड में संलिप्त अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।