छात्रा से दुष्कर्म और हत्या का आरोपी शिक्षक 10 महीने बाद भी फरार, पीड़ित परिवार ने DIG से लगाई न्याय की गुहार

नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या किए जाने के मामले में घटना के करीब 10 महीने बीत जाने के बावजूद आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं होने से पीडित परिवार में आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित परिवार ने सोमवार को इस मामले को लेकर डीआईजी से मुलाकात की..

पीड़ित परिवार ने DIG से लगाई न्याय की गुहार- फोटो : छोटू सरकार

Saharsa : जिले के सिमरी बख्तियारपुर में दसवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या किए जाने के मामले में घटना के करीब 10 महीने बीत जाने के बावजूद आरोपी शिक्षक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी की अब तक गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित पीड़ित परिजन सोमवार को इंसाफ की गुहार लेकर कोशी प्रक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।


सर्टिफिकेट देने के बहाने स्कूल बुलाकर वारदात का आरोप 

पीड़ित परिजनों के अनुसार, लगभग 10 माह पूर्व एक सरकारी शिक्षक ने पीड़िता को शैक्षणिक सर्टिफिकेट देने के बहाने स्कूल परिसर में बुलाया था। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान शिक्षक ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म किया और बाद में भेद खुलने के डर से उसकी हत्या कर दी। घटना के तत्काल बाद परिजनों द्वारा सिमरी बख्तियारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा है।


बैनर के साथ DIG कार्यालय पहुंचे परिजन, उठाई त्वरित कार्रवाई की मांग 

मामले में ढिलाई और कार्रवाई न होने से निराश होकर करीब एक दर्जन महिला एवं पुरुष परिजन व समर्थक हाथों में बैनर लेकर कोशी क्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष के कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने डीआईजी से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई और मामले में निष्पक्ष जांच कराते हुए फरार आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों ने कहा कि घटना के समय पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया था, लेकिन लंबे समय बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


युवा नेता दिलीप शर्मा ने उठाई आवाज, प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग 

इस मामले में पीड़ित परिवार के समर्थन में आगे आते हुए स्थानीय युवा नेता दिलीप शर्मा ने भी पुलिस और प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि एक सरकारी शिक्षक द्वारा इस तरह के जघन्य अपराध को अंजाम देना और 10 महीने तक फरार रहना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने डीआईजी से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन किया जाए और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।


पीड़ित परिजनों को अब भी न्याय की उम्मीद, पुलिस पर टिकी निगाहें 

पीड़ित परिवार ने स्पष्ट किया है कि वे लगातार न्याय के लिए भटक रहे हैं और उन्हें राज्य के कानून-व्यवस्था तंत्र पर अब भी पूरा भरोसा है। परिजनों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती और पीड़िता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। 


छोटू सरकार की रिपोर्ट