3 करोड़ से अधिक की अकूत संपत्ति मामला:छपरा में SVU ने खंगाला अधीक्षण अभियंता का दफ्तर,मुंबई में मिला 1.75 करोड़ का भूखंड

छपरा में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की बड़ी कार्रवाई, गंडक कॉलोनी स्थित लघु जल संसाधन विभाग के दफ्तर में 45 मिनट तक चला सर्च ऑपरेशन। 3 करोड़ से अधिक की अघोषित संपत्ति और मुंबई में निवेश के मामले में घिरे अधीक्षण अभियंता।

3 करोड़ से अधिक की अकूत संपत्ति मामला:छपरा में SVU ने खंगाला अधीक्षण अभियंता का दफ्तर- फोटो : Reporter

बिहार के छपरा शहर स्थित डाक बंगला रोड की गंडक कॉलोनी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की टीम ने लघु जल संसाधन विभाग के कार्यालय में अचानक धावा बोल दिया। लगभग छह अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम शाम के वक्त सीधे अधीक्षण अभियंता के दफ्तर पहुंची और पूरे परिसर को अपने घेरे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय के मुख्य द्वारों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया और किसी भी बाहरी व्यक्ति या कर्मचारी की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई।


3 करोड़ से अधिक की अघोषित संपत्ति और मुंबई में 1.75 करोड़ का निवेश

यह पूरी कार्रवाई अधीक्षण अभियंता के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। शुरुआती जांच में विजिलेंस को उनके पास वैध स्रोतों से कहीं अधिक यानी करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुंबई से सटे पनवेल इलाके में लगभग 75 डिसमिल जमीन में भारी निवेश किया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1.75 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसी कड़ी में पटना स्थित जल भवन और छपरा समेत कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई।


छापेमारी के दौरान नदारद मिले अधीक्षण अभियंता

जब विजिलेंस की टीम छपरा कार्यालय में जांच के लिए पहुंची, तब अधीक्षण अभियंता दफ्तर में मौजूद नहीं थे। पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि वे मूल रूप से पटना स्थित जल भवन में पदस्थापित हैं और लगभग दो माह पूर्व ही उन्हें सारण प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार मिला था। वे सामान्य तौर पर सप्ताह में केवल एक दिन (शनिवार) ही छपरा आते हैं तथा उनका परिवार भी पटना में ही रहता है। इसके बावजूद टीम ने उनके बंद कक्ष को अपने नियंत्रण में लेकर गहन छानबीन की।


45 मिनट तक खंगाली गईं गोपनीय फाइलें और कागजात

अधीक्षण अभियंता की गैरमौजूदगी में भी एसवीयू की टीम ने उनके कक्ष में मौजूद विभागीय फाइलों, वित्तीय दस्तावेजों और रजिस्टरों की सघन जांच की। करीब 45 मिनट से एक घंटे तक चले इस मैराथन सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम ने दफ्तर के कई जरूरी कागजातों को खंगाला। अचानक हुई इस कार्रवाई से कार्यालय के अन्य कर्मचारियों में काफी अफरा-तफरी और असहजता का माहौल देखा गया।


डिजिटल डेटा और महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर पटना रवाना हुई टीम

जांच पूरी करने के बाद एसवीयू की टीम बिना किसी आधिकारिक जब्ती की घोषणा किए वापस पटना के लिए रवाना हो गई। दफ्तर के कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि टीम अपने साथ कुछ महत्वपूर्ण फाइलों के नोट्स, कागजात और डिजिटल डेटा ले गई है। हालांकि, मौके से किसी प्रकार की नकदी या ज्वेलरी की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि विजिलेंस अधिकारियों द्वारा नहीं की गई है।


जांच रिपोर्ट और आधिकारिक बयान का इंतजार

विजिलेंस विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा फिलहाल इस छापेमारी और प्राथमिक निष्कर्षों पर कोई विस्तृत प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पटना, छपरा और अन्य ठिकानों से जुटाए गए दस्तावेजों और अचल संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद ही विजिलेंस की ओर से आधिकारिक रिपोर्ट सामने आएगी, जिससे वित्तीय अनियमितता के इस बड़े मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट