Bihar News : ज्वेलरी दुकानदार ने खोला चाय पकौड़े का स्टॉल, कहा-पीएम के 'सोना न खरीदने' की अपील से गायब हुए ग्राहक, बंद हो जायेगा पुश्तैनी धंधा
Bihar News : एक प्रतिष्ठित आभूषण कारोबारी ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ अपनी चमचमाती ज्वेलरी दुकान के ठीक सामने प्रतीकात्मक रूप से चाय और पकौड़े का स्टॉल खोल दिया है।
SASARAM : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आम जनता से अगले एक वर्ष तक सोना-चांदी न खरीदने की अपील के बाद देश भर के सर्राफा बाजारों में हलचल तेज हो गई है। बिहार के रोहतास जिले के डेहरी से इस अपील के विरोध की एक बेहद अनोखी और चर्चित तस्वीर सामने आई है। यहाँ एक प्रतिष्ठित आभूषण कारोबारी ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ अपनी चमचमाती ज्वेलरी दुकान के ठीक सामने प्रतीकात्मक रूप से चाय और पकौड़े का स्टॉल खोल दिया है। इस अनोखे और रचनात्मक विरोध की चर्चा अब पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई है।
नगर परिषद की मुख्य पार्षद ने किया चाय स्टॉल का उद्घाटन
मामला डेहरी के पाली रोड स्थित प्रसिद्ध आभूषण प्रतिष्ठान 'श्री लक्ष्मी ज्वेलर्स' का है। दुकान के संचालक सच्चिदानंद प्रसाद ने प्रधानमंत्री की अपील से अपने व्यापार को होने वाले नुकसान को दर्शाने के लिए दुकान के आगे विधिवत चाय-पकौड़े की दुकान की शुरुआत की। इस विरोध प्रदर्शन को औपचारिक रूप देने के लिए बकायदा डालमियानगर नगर परिषद की मुख्य पार्षद शशि कुमारी को आमंत्रित किया गया। मुख्य पार्षद ने फीता काटकर इस चाय-नाश्ते के स्टॉल का उद्घाटन किया, जिसे देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
बाजार ठप, आजीविका पर संकट का हवाला
प्रतिष्ठान के संचालक सच्चिदानंद प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की इस अपील का बाजार पर बेहद नकारात्मक और गहरा असर पड़ा है। बाजार से ग्राहक पूरी तरह गायब हो चुके हैं और स्वर्ण कारोबार लगभग ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, "स्वर्ण व्यवसाय से सिर्फ बड़े मालिक ही नहीं, बल्कि देश के हजारों कारीगरों, मजदूरों, डिजाइनरों और छोटे दुकानदारों के परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। जब शोरूम में ग्राहक ही नहीं आएंगे, तो इन परिवारों का भरण-पोषण कैसे होगा?
सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रतीकात्मक जरिया
कारोबारी ने बताया कि दुकान के सामने चाय-पकौड़ा बेचना किसी के प्रति व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी मंदी और लाचारी की आवाज पहुंचाने का एक शांतिपूर्ण व प्रतीकात्मक जरिया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही और बाजार में ग्राहकों की बेरुखी जारी रही, तो आने वाले दिनों में देश के कई बड़े और छोटे ज्वेलरी दुकानदारों को हमेशा के लिए अपना पुश्तैनी धंधा बंद कर दूसरा व्यवसाय अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।