Bihar Police: चलती ट्रेन में फिसलती ज़िंदगी के बीच फरिश्ता बनकर आए दारोगा, मौत को मात दे कर बचाई जिन्दगी, जान लीजिए खाकी ने जान की बाजी लगाकर कैसे बचाई जान

Bihar Police: आज एक ऐसा मंज़र सामने आया, जिसने हर देखने वाले की रूह को झकझोर दिया। ....

चलती ट्रेन में फिसलती ज़िंदगी के बीच फरिश्ता बनकर आए दारोगा- फोटो : reporter

Bihar Police: आज एक ऐसा मंज़र सामने आया, जिसने हर देखने वाले की रूह को झकझोर दिया। रेलवे स्टेशन पर कुछ पल के लिए अफरा-तफरी, चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया, जब एक यात्री चलती ट्रेन में सवार होने की कोशिश में मौत के मुंह तक पहुंच गया।

मामला उस वक्त का है जब उड़ीसा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या-12819) सासाराम रेलवे जं. के प्लेटफार्म से खुल चुकी थी। एक यात्री किसी वजह से पीछे छूट गया। बेचैनी और जल्दबाज़ी में वह चलती ट्रेन पर चढ़ने लगा। मगर किस्मत को कुछ और मंज़ूर थाअचानक उसका पांव फिसला और वह ट्रेन तथा प्लेटफार्म के बीच खतरनाक खाई में गिरने लगा। आसपास खड़े लोगों की सांसें थम गईं।

इसी दरमियान ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के ASI दिलीप कुमार की नज़र उस पर पड़ गई। हालात की नजाकत को भांपते हुए उन्होंने एक पल की भी देर नहीं की। अपनी जान की परवाह किए बगैर वे दौड़े और गिरते हुए यात्री को मजबूती से पकड़कर प्लेटफार्म की ओर खींच लिया। यह पूरा वाकया स्टेशन पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया, जो अब बहादुरी की मिसाल बन चुका है।

हालांकि इस जांबाज़ी में ASI दिलीप कुमार खुद जख्मी हो गए। उन्हें चोटें आईं, मगर उनके चेहरे पर सुकून था कि एक मासूम ज़िंदगी बच गई। बाद में ट्रेन को रोका गया और सुरक्षित यात्री को उसी ट्रेन से उसके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। घायल अधिकारी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

RPF निरीक्षक संजीव कुमार ने कहा कि यात्रियों की हिफाज़त रेलवे की पहली जिम्मेदारी है। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर यह सबक दे दिया चलती ट्रेन में चढ़ना सिर्फ जोखिम नहीं, मौत को दावत देना है।

रिपोर्ट- रंजन कुमार