Sheikhpura Double Murder: बोरे पर लिखे नाम ने खोला शेखपुरा के अंधे कत्ल का राज,दो किशोरों की हत्या, 4 गिरफ्तार

बिहार के शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड अंतर्गत कसार थाना क्षेत्र के कसार गांव में दो किशोरों की निर्मम हत्या मामले का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है।

बोरे पर लिखे नाम से सुलझी दोहरे हत्याकांड की गुत्थी, दो नाबालिग भी निरुद्ध- फोटो : Reporter

बिहार के शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड अंतर्गत कसार थाना क्षेत्र के कसार गांव में दो किशोरों की निर्मम हत्या मामले का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक (SP) बलिराम कुमार चौधरी ने प्रेस वार्ता में बताया कि चोरी के मात्र 20 हजार रुपये के बंटवारे के विवाद में दोस्तों ने ही मिलकर अपने ही दो साथियों की गला दबाकर हत्या कर दी थी। पुलिस पांचवें फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।


बोरे पर लिखे नाम से सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी

इस अंधी हत्या की गुत्थी को सुलझाने में शवों को छुपाने के लिए इस्तेमाल किए गए बोरे ने सबसे अहम भूमिका निभाई। एसपी ने बताया कि हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों किशोरों के शवों को पत्थरों के साथ बोरों में बंद कर पोखर में फेंक दिया था। बरामदगी स्थल से मिले एक बोरे पर “संदीप” लिखा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने कसार गांव निवासी संदीप रविदास के घर छापेमारी की। पूछताछ और वैज्ञानिक अनुसंधान (मोबाइल लोकेशन) की मदद से पुलिस ने जाल बिछाया और कौआकोल (नवादा) से एक नाबालिग, चेवाड़ा से लौकेश रविदास और पटना से धर्मवीर रविदास को दबोच लिया।


₹20,000 के बंटवारे और ताड़ी पार्टी में हुआ खूनी खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपी सभी दोस्त थे और छोटी-मोटी चोरियां करने वाले गिरोह का हिस्सा थे। पिछले साल इन लोगों ने एक ट्रैक्टर से अनाज चोरी किया था, जिसके 20 हजार रुपये मृतक पीयूष कुमार के पास रखे थे। 16 मई की रात करीब 10 बजे घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर सुनसान खेत में सात दोस्त ताड़ी पी रहे थे। इसी दौरान पैसे के बंटवारे को लेकर पीयूष का अन्य दोस्तों से विवाद हो गया। पीयूष द्वारा रुपये देने से इनकार करने पर लौकेश, धर्मवीर और अन्य साथियों ने मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। जब दूसरे किशोर अंकुश कुमार ने इसका विरोध किया और घरवालों को बताने की बात कही, तो गवाह मिटाने के लिए उसकी भी गला दबाकर हत्या कर दी गई।


रूम स्प्रे का किया इस्तेमाल, जांच के लिए बनी थी SIT

वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने शवों को ठिकाने लगाने के लिए क्रूर तरीका अपनाया। वे घर से दूसरा बोरा और रस्सी लाए, शवों को पत्थरों के साथ बांधा और दुर्गंध न फैले, इसलिए बोरों के अंदर रूम स्प्रे छिड़क कर उन्हें तालाब में फेंक दिया। खुद को बचाने के लिए आरोपियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर घटनास्थल पर हंगामा भी किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसकी त्वरित और सटीक कार्रवाई ने इस खौफनाक हत्याकांड का पूरी तरह भंडाफोड़ कर दिया।

(रिपोर्ट: उमेश, शेखपुरा)