Bihar Administration: खेत की पगडंडी पर फीता लेकर उतरीं DM, पोखर की खुद नापी तो इंजीनियरों के फूल गए हाथ-पांव
Bihar Administration: शिवहर में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी का निरीक्षण करने का अंदाज उस वक्त चर्चा का विषय बन गया, जब वह अधिकारियों की रिपोर्ट पर सिर्फ भरोसा करने के बजाय खुद हाथ में फीता लेकर खेत की पगडंडी पर उतर गईं ...
Bihar Administration: शिवहर में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी का निरीक्षण करने का अंदाज उस वक्त चर्चा का विषय बन गया, जब वह अधिकारियों की रिपोर्ट पर सिर्फ भरोसा करने के बजाय खुद हाथ में फीता लेकर खेत की पगडंडी पर उतर गईं और पोखर की नापी शुरू कर दी। डीएम को मौके पर तालाब की लंबाई, चौड़ाई और गहराई की जांच करते देख वहां मौजूद अभियंताओं और कर्मचारियों में खलबली मच गई। यह पूरा मामला जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत निर्मित पोखरों की गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच से जुड़ा है।
दरअसल, शिवहर के तरियानी प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन के लिए तालाब एवं पोखरों का निर्माण कराया गया है। इन योजनाओं के काम में गड़बड़ी और अनियमितता की शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी ने खुद स्थल निरीक्षण करने का फैसला लिया। उन्होंने कागजी रिपोर्ट और दावों के बजाय जमीन पर उतरकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
फीता लेकर खुद नापने लगीं डीएम
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने पोखर की संरचना, जलधारण क्षमता और आसपास की स्थिति को देखा। इसके बाद उन्होंने हाथ में फीता लेकर पोखर की लंबाई और चौड़ाई की नापी कराई। मौके पर अधिकारियों और अभियंताओं की मौजूदगी में वास्तविक स्थिति और अभिलेखों में दर्ज विवरण का मिलान किया गया।डीएम के इस अंदाज को प्रशासनिक सतर्कता और जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण की योजनाओं का मकसद सिर्फ कागज पर योजना पूरी दिखाना नहीं, बल्कि उसका जमीनी फायदा लोगों को मिलना है।
इन पंचायतों में पोखरों का किया निरीक्षण
तरियानी प्रखंड में अठकोनी पंचायत के बराही में योगेंद्र राय की जमीन पर पोखर खुदाई, छतौनी पंचायत के वार्ड नंबर-5 में अरधन्ना देवी की जमीन और वार्ड नंबर-14 में ईश्वर दयाल राय की जमीन पर कराए गए पोखर खुदाई कार्य का निरीक्षण किया गया।इसके अलावा नरवारा पंचायत के वार्ड नंबर-1 में इंदु देवी और अवधेश सिंह की जमीन तथा नरवारा में लोकेश कुमार की जमीन पर निर्मित पोखर की भी स्थिति देखी गई। पोजहिया पंचायत के ग्राम पचरा, वार्ड नंबर-11 में प्रकाश कुमार की जमीन पर कराए गए पोखर खुदाई कार्य का भी निरीक्षण किया गया।
सिर्फ खुदाई नहीं, पानी भी दिखना चाहिए
जिलाधिकारी ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बनाई गई जल संरचनाओं का उद्देश्य सिर्फ योजना को पूरा करना नहीं होना चाहिए। इनसे वर्षा जल का अधिकतम संचयन, भू-जल स्तर में सुधार, स्थानीय जल जरूरतों की पूर्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे उद्देश्यों की वास्तविक पूर्ति होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में निर्मित सभी जल संरचनाओं का नियमित भौतिक सत्यापन और अनुश्रवण किया जाए। साथ ही तालाबों की जलधारण क्षमता लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए उनके रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।डीएम के इस औचक और जमीनी निरीक्षण ने एक बात साफ कर दी कि अब सिर्फ फाइलों में दर्ज आंकड़ों से काम नहीं चलेगा। योजनाओं की हकीकत देखने के लिए प्रशासन जमीन पर भी उतरेगा और जरूरत पड़ी तो फीता लेकर खुद नाप-जोख भी करेगा।
रिपोर्ट- मनोज कुमार