भ्रष्टाचारियों की अब खैर नहीं! ₹10,000 के चक्कर में सस्पेंड हुआ राजस्व कर्मचारी, DM का सख्त एक्शन से मचा हड़कंप
10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए राजस्व कर्मचारी रामकृत महतो को जिलाधिकारी ने निलंबित कर दिया है। दाखिल-खारिज के नाम पर घूस मांगने के आरोपी के खिलाफ प्रशासन ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत यह बड़ी कार्रवाई की है।
Sheohar : जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने पुरनहिया प्रखंड के राजस्व कर्मचारी रामकृत महतो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विशेष निगरानी इकाई (SVU) द्वारा आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के बाद की गई है। जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि शासन में भ्रष्टाचार और कर्तव्य के प्रति लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है।
यह मामला 05 जनवरी का है, जब विशेष निगरानी इकाई ने एक जाल बिछाकर रामकृत महतो को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए दबोचा था। आरोपी राजस्व कर्मचारी पर जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के बदले पीड़ित से अवैध राशि की मांग करने का आरोप था। पीड़ित की शिकायत पर निगरानी विभाग ने पहले मामले का सत्यापन कराया और पुष्टि होने के बाद छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद राजस्व कर्मचारी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके बाद अब प्रशासनिक स्तर पर निलंबन की गाज गिरी है। जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने कहा कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी अनिवार्य है, और जो भी कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के राजस्व विभाग और अन्य सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया है। आम जनता ने जिलाधिकारी के इस फैसले का स्वागत किया है, इसे भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।
Report - manoj kumar