एसपी की सूझबूझ से 12 घंटे में चर्चित नीतीश हत्याकांड का खुलासा, दो शातिर गिरफ्तार
सीवान पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर जी.बी. नगर थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव में हुए चर्चित पीकलू उर्फ नीतीश कुमार हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है....
Siwan : जिले में पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा के कुशल निर्देशन में जी.बी. नगर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जी.बी. नगर थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव में हुए चर्चित पीकलू उर्फ नीतीश कुमार हत्याकांड का महज 12 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। विदित हो कि 12 अगस्त की सुबह अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर नीतीश की हत्या कर दी थी।
FSL और सीसीटीवी फुटेज से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ सदर-1 और थानाध्यक्ष जी.बी. नगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। एसपी पूरण कुमार झा के निर्देश पर फॉरेंसिक (FSL) टीम से घटना स्थल की वैज्ञानिक जांच कराई गई। इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालकर और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
रेकी करने और हथियार उपलब्ध कराने वाले दो गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माधोपुर निवासी धनंजय कुमार और शत्रुधन तिवारी को धर दबोचा। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी धनंजय कुमार ने सैलून से निकलने के बाद नीतीश की रेकी कर शूटरों को लोकेशन दी थी, जबकि शत्रुधन तिवारी ने हत्या में प्रयुक्त अवैध हथियार और हेलमेट मुहैया कराया था। पुलिस के अनुसार धनंजय का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है।
फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
इस हत्याकांड के सफल उद्भेदन में जी.बी. नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, जिला आसूचना इकाई (DIU) सीवान और एसटीएफ (STF) की टीम ने अहम भूमिका निभाई। सीवान एसपी ने स्पष्ट किया कि मामले में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त
इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से सीवान पुलिस के प्रति आम जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। पुलिस प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वाले अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
ताबिश इरशाद की रिपोर्ट