Siwan Internet Ban: सीवान हिंसा के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद, सोशल मीडिया पर शिकंजा, अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर

सीवान हिंसा के बाद इंटरनेट प्रतिबंध 25 जुलाई 2026 शाम 5:30 बजे से 26 जुलाई 2026 शाम 5:30 बजे तक प्रभावी रहेगा।

सीवान हिंसा के बाद 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद- फोटो : reporter

Siwan Internet Ban: सीवान में नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर शनिवार को हुए प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के बाद बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से गृह विभाग ने जिले में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 25 जुलाई 2026 शाम 5:30 बजे से 26 जुलाई 2026 शाम 5:30 बजे तक प्रभावी रहेगा।

दरअसल, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हालात अचानक बिगड़ गए। पहले पथराव हुआ, फिर पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए बल प्रयोग किया। इस पूरे घटनाक्रम में तीन युवा प्रदर्शनकारी गोली लगने से घायल हुए, जबकि सीवान के एसपी, दो डीएसपी समेत करीब 25 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए। घटना के बाद पूरे शहर में तनाव का माहौल बन गया, जिसके मद्देनज़र अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई।



गृह विभाग की विशेष शाखा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट तथा उपलब्ध खुफिया सूचनाओं के आधार पर आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक, भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर माहौल को और खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया गया है।

सरकार के आदेश के तहत फेसबुक, एक्स (पूर्व ट्विटर), इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, स्नैपचैट, यूट्यूब पर अपलोडिंग, वीचैट, स्काइप, वाइबर, लाइन, पिंटरेस्ट, रेडिट, हाइक समेत तमाम सोशल नेटवर्किंग और इंटरनेट मैसेजिंग सेवाओं के माध्यम से संदेशों के प्रसारण पर रोक लगाने के निर्देश इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को दिए गए हैं। हालांकि बीएसएनएल, निकनेट, एनकेएन, बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) और रेलवे जैसी सरकारी इंटरनेट सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है, ताकि सरकारी और आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।

गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस और सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

सीवान में हुई हिंसा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अफवाहों पर नियंत्रण कितना महत्वपूर्ण है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता हालात को पूरी तरह सामान्य करना और किसी भी तरह की भड़काऊ सूचना के प्रसार को रोकना है, ताकि जिले में अमन-चैन और सार्वजनिक व्यवस्था कायम रह सके।