Bihar News :सिवान में पूर्व एमएलसी प्रत्याशी रईस खान साक्ष्य के अभाव में हुआ बरी, अवैध हथियार बरामदगी मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, तीन अन्य दोषी करार

Bihar News : सिवान कोर्ट ने नामजद अभियुक्त एवं सीवान के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी रईस खान को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में बरी करने का आदेश दिया है। शनिवार की शाम उसे रिहा कर दिया गया....पढ़िए आगे

रईस खान हुआ रिहा - फोटो : TABISH

SIWAN : अवैध हथियारों की बरामदगी से जुड़े तीन बहुचर्चित मामलों में शुक्रवार को न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। प्रधान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय शशिकांत राय की अदालत ने तीनों मामलों में नामजद सिवान के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी रईस खान को साक्ष्यों के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया। वहीं, तीनों मामलों में आरोपित शमीमा खातून, बाबू अली अंसारी और अब्दुल कलाम अंसारी को आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित की है। फैसले के बाद इन मामलों की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पड़ाव आ गया है।

गुप्त सूचना पर हुई थी पुलिस की बड़ी छापेमारी

मामले के अनुसार, सात अक्टूबर 2025 को सिसवन पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खान ब्रदर्स द्वारा चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने के उद्देश्य से अपने कुछ करीबियों के घरों में हथियार और कारतूस छिपाकर रखे गए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष एसटीएफ टीम और अन्य थानों की पुलिस के सहयोग से सात अक्टूबर की देर रात विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान सिवान के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी रईस खान के करीबी बताए जाने वाले गयासपुर लेवारी गांव निवासी इस्लाम अली के पुत्र अब्दुल कलाम अंसारी के घर पर पुलिस ने तलाशी ली। छापेमारी के दौरान वहां से एके-47, असॉल्ट राइफल, मैगजीन और झोले में रखे भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच शुरू की।

बयान के आधार पर दो अन्य ठिकानों पर भी हुई थी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, अब्दुल कलाम अंसारी से पूछताछ और उसके बयान के आधार पर शमीमा खातून तथा बाबू अली अंसारी के घरों पर भी छापेमारी की गई थी। वहां से भी प्रतिबंधित हथियार बरामद किए जाने का दावा किया गया था। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उनके बयान और अनुसंधान में सामने आए तथ्यों के आधार पर सिवान के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी रईस खान को भी तीनों मामलों में अभियुक्त बनाया गया। इस संबंध में अलग-अलग तीन प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।

बचाव पक्ष ने सिवान के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी रईस खान को झूठा फंसाने का उठाया सवाल

मामले की सुनवाई सेशन ट्रायल संख्या 30/2026, 31/2026 और 32/2026 के तहत की जा रही थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता इष्ट देव तिवारी ने अदालत में दलील पेश करते हुए कहा कि जब सिवान के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी रईस खान पहले से ही पुलिस अभिरक्षा में जेल में बंद थे, तो उन्हें इन मामलों में किन परिस्थितियों में अभियुक्त बनाया गया। बचाव पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे दुर्भावनापूर्ण बताया और कहा कि बरामदगी के मामलों में उनकी संलिप्तता साबित नहीं होती है। वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक रंजन कुमार श्रीवास्तव ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपितों की संलिप्तता के आधार पर उन्हें दोषी ठहराने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने सिवान के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी रईस खान को रिहा करने का आदेश पारित किया। वहीं, शमीमा खातून, बाबू अली अंसारी और अब्दुल कलाम अंसारी को तीनों मामलों में दोषी करार दिया।

अब सजा के बिंदु पर होगी सुनवाई

अदालत द्वारा तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिए जाने के बाद अब उनकी सजा को लेकर सुनवाई होगी। इसके लिए न्यायालय ने अगली तिथि निर्धारित की है। ऐसे में सभी की निगाहें सजा के बिंदु पर होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

सिवान से ताबिश इरशाद की रिपोर्ट