सुपौल में ठनका के चपेट में आने से महिला झुलसी, घर में चाय बनाने के दौरान हुआ हादसा

ठनका के चपेट में आने से महिला झुलसी- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : राघोपुर प्रखंड के सिमराही नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 5 में बुधवार को प्रकृति का कहर देखने को मिला। तेज बारिश के बीच अचानक हुए वज्रपात की चपेट में आने से एक 35 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला की पहचान मोहम्मद गुलजार की पत्नी मनीषा खातून के रूप में हुई है। घटना उस समय हुई जब महिला अपने घर के भीतर सामान्य रूप से कामकाज कर रही थी। इस हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोग सहम गए।


घर के भीतर मची चीख-पुकार 

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, मनीषा खातून घटना के वक्त किचन में चाय बना रही थीं। इसी दौरान आसमान में तेज गर्जना हुई और बिजली कड़कने के साथ ही वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं। घर में मौजूद बच्चों ने जब अपनी मां को बेहोश देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में घायल महिला को इलाज के लिए राघोपुर रेफरल अस्पताल ले गए।


अस्पताल में तत्काल मिला उपचार

रेफरल अस्पताल पहुंचते ही ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया। महिला के पति मोहम्मद गुलजार ने बताया कि हादसा इतना अचानक और भयावह था कि परिवार के सदस्य कुछ समझ ही नहीं पाए। बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा घर दहल गया था। उन्होंने समय पर इलाज मिलने पर राहत व्यक्त की है।


चिकित्सकों ने स्थिति को बताया स्थिर

अस्पताल में तैनात डॉक्टर दीपक गुप्ता ने बताया कि वज्रपात के कारण महिला को गहरा सदमा लगा था और वह बेहोश हो गई थीं। हालांकि, समय रहते अस्पताल लाए जाने के कारण उनकी स्थिति अब नियंत्रण में है। डॉक्टर गुप्ता के अनुसार, महिला का उचित इलाज किया जा रहा है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। उन्हें निगरानी के लिए ऑब्जर्वेशन वार्ड में रखा गया है।


इलाके में दहशतसावधानी की अपील

इस घटना के बाद से सिमराही नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भी खराब मौसम के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपील की है कि बारिश और बिजली कड़कने के समय लोग पक्के मकानों में शरण लें और बिजली के उपकरणों या ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।


विनय कुमार की रिपोर्ट