आइसा ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का फूंका पुतला, शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के खिलाफ फूटा आक्रोश
शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर त्रिवेणीगंज में छात्र नेताओं ने सीएम और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान चौथे चरण की शिक्षक बहाली का नोटिफिकेशन और गिरफ्तार अभ्यर्थियों की रिहाई की मांग की....
Supaul : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को त्रिवेणीगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित शहीद राजकिशोर बस पड़ाव के समीप बिहार सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आइसा जिला सचिव संतोष कुमार सियोटा के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन किया। यह विरोध हाल ही में पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज और छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ जताया गया।
पुतला दहन के बाद आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव संतोष कुमार सियोटा ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की मांग कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठियां बरसाना और उन्हें जेल भेजना लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार पिछले दो वर्षों से शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाए हुए है। एक तरफ सरकार युवाओं को रोजगार देने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ नौकरी मांगने पर छात्रों का सिर फोड़ा जा रहा है।
आइसा ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। छात्र नेताओं ने मांग की कि शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE 4.0) का नोटिफिकेशन अविलंब जारी किया जाए और पूरी भर्ती प्रक्रिया का एक स्पष्ट कैलेंडर घोषित हो। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षक भर्ती परीक्षा में पीटी (PT) और मेन्स (MAINS) की नई बाध्यता को खत्म करने की भी मांग की, ताकि अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता सौरभ यादव ने छात्र नेता दिलीप कुमार सहित अन्य गिरफ्तार अभ्यर्थियों की तत्काल रिहाई की मांग बुलंद की। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों को वापस लिया जाए और जिन अधिकारियों ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज का आदेश दिया, उन्हें चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो पूरे राज्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में आइसा के जिला अध्यक्ष रामाशीष कुमार, उपाध्यक्ष अभिनव आनंद, राजेश कुमार, नीतीश चौधरी, प्रदीप सरदार, प्रभाष राणा, ललटु कुशवाहा, शोएब आलम और ज्योति कुमारी सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी ने एक सुर में सरकार की नीतियों को छात्र विरोधी बताया और न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। विरोध के चलते काफी देर तक बस पड़ाव परिसर में गहमागहमी बनी रही।
विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट