बाढ़ और सुखाड़ से निपटने के लिए बिहार सरकार अलर्ट: CM सम्राट चौधरी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, मानसून से पहले काम पूरा करने के निर्देश

Bihar News : राज्य सरकार ने मानसून के संभावित आगमन को देखते हुए बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आज सीएम सम्राट चौधरी समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को कई सख्त निर्देश दिए...

बाढ़ और सुखाड़ से निपटने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार में मानसून के संभावित आगमन को देखते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के सभी बाढ़ और सुखाड़ प्रभावित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी जुड़े। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी चुनौती से निपटने की पूर्व तैयारियों का बारीकी से आकलन करना था।


कई विभागों ने पेश किया तैयारियों का खाका

इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान राज्य के विभिन्न प्रमुख विभागों ने संभावित आपदा से निपटने के लिए अब तक की गई तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। इसमें मुख्य रूप से मौसम विभाग, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, कृषि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (PHED) और पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग शामिल रहे। सभी विभागों ने बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में अपने-अपने स्तर पर चलाई जाने वाली आपातकालीन योजनाओं की जानकारी साझा की।


तटबंधों की सुरक्षा और राहत शिविरों पर विशेष जोर

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई संवेदनशील बिंदुओं पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में नदियों के तटबंधों की मजबूती (एंटी-इरोज़न वर्क), प्रभावित इलाकों में राहत शिविरों (रिलीफ कैंप) की पहले से तैयारी, अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और आपदा के समय पशुओं के लिए चारे की निर्बाध आपूर्ति जैसे गंभीर मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा से जुड़े सभी काम मानसून के दस्तक देने से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।


"आपदा की स्थिति में तुरंत मिले राहत" - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग आपस में बेहतर तालमेल बनाकर काम करें ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति या आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक त्वरित राहत और बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन) पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने तकनीक और आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल के साथ-साथ कंट्रोल रूम को भी चौबीसों घंटे सक्रिय रखने को कहा।


सुपौल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर

इस राज्य स्तरीय बैठक में जिला मुख्यालय से सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक सरथ आर एस और उप विकास आयुक्त सारा असरफ सहित आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं जल संसाधन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक समाप्त होने के बाद सुपौल जिला प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए स्थानीय स्तर पर सभी संबंधित विभागों को 'अलर्ट मोड' में रहने का निर्देश जारी कर दिया। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे बाढ़ पूर्व तैयारियों की लगातार जमीनी निगरानी करें ताकि संभावित आपदा के दौरान जान-माल की क्षति को न्यूनतम (कम से कम) रखा जा सके।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट