'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025' को लेकर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित, जनप्रतिनिधियों ने दिए कई सुझाव
Supaul : बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश पर मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित नगर भवन (टाउन हॉल), सुपौल में 'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025' को लेकर एक भव्य जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रखंड एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी पर विशेष जोर
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025' के महत्वपूर्ण प्रावधानों, उद्देश्यों और धरातल पर इसके क्रियान्वयन से जुड़ी बारीकियों से जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को अवगत कराना था। इस दौरान योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका, स्थानीय स्तर पर अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय और जनभागीदारी को बढ़ावा देने जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव, जमीनी चुनौतियों से कराया अवगत
कार्यक्रम के दौरान जिला परिषद सदस्यों और ग्राम पंचायत स्तर के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने योजना को लेकर अपने अनुभव, विचार और सुझाव साझा किए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि योजना के उद्देश्यों को आम जनता तक पहुंचाने और पात्र लाभुकों को इसका लाभ दिलाने के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और चुनौतियों से भी अधिकारियों को रूबरू कराया।
जिला परिषद अध्यक्ष और डीडीसी समेत कई वरीय अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष कमला देवी, उपाध्यक्ष शमशेर आलम, उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी गयानंद यादव, निदेशक NEP अनित कुमार, निदेशक लेखा प्रशासन (DRDA) आशुतोष कुमार तथा विकसित भारत-जी राम जी के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कृष्णकांत सिंह सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक कर्मी उपस्थित रहे।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट