जिलाधिकारी का प्रतापगंज प्रखंड में औचक निरीक्षण, जनगणना कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
Supaul : जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जिलाधिकारी सावन कुमार ने बुधवार को प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, प्रतापगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की। निरीक्षण की खबर मिलते ही कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सभी अधिकारी व कर्मी अपनी फाइलों को दुरुस्त करने में जुट गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
जनगणना 2027 की तैयारियों पर विशेष नजर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी जनगणना 2027 के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रखंड में कार्यरत 195 प्रगणकों और 33 पर्यवेक्षकों के कार्यों का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) में प्रति प्रगणक प्रतिदिन कम से कम 20 डेटा सिंक करना अनिवार्य होगा। डीएम ने चेतावनी दी कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लक्ष्य पूरा न करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत और राजस्व कार्यों की समीक्षा
जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और इसे शीघ्र पूर्ण करने का आदेश दिया। अंचल कार्यालय की समीक्षा करते हुए उन्होंने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने और राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ हैं, इसलिए इनके निर्माण में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली और आवास योजनाओं की पारदर्शिता की भी जांच की।
शिक्षा और पोषण पर कड़ा रुख
शिक्षा एवं आईसीडीएस (ICDS) विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को मिलने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके अलावा, उन्होंने पंचायत सहयोग शिविरों के नियमित आयोजन पर बल दिया ताकि ग्रामीण जनता को अपने कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके आवेदनों का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही का संदेश
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने की नसीहत दी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में आने वाले आम नागरिकों के कार्यों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। डीएम के इस कड़े रुख और औचक निरीक्षण से प्रशासनिक महकमे में सक्रियता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों की गति तेज होगी और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट