डीएम ने 'जनभागीदारी अभियान' का शुभारंभ, कहा-समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाएं पहुंचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता

Bihar News : सुपौल जिले में जनजातीय समुदाय के उत्थान और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सोमवार को "जनजातीय गरिमा उत्सव 2026" के अंतर्गत एक विशेष पहल की शुरुआत की गई। डीएम ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया....

"सबसे दूर, सबसे पहले" अभियान का शुभारंभ- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में जनजातीय समुदाय के उत्थान और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सोमवार को "जनजातीय गरिमा उत्सव 2026" के अंतर्गत एक विशेष पहल की शुरुआत की गई। समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में “जनभागीदारी अभियान – सबसे दूर, सबसे पहले” कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस महत्वाकांक्षी अभियान का उद्घाटन जिला पदाधिकारी (डीएम) सावन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिला कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों तक सरकार की सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है।


अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को प्राथमिकता

कार्यक्रम के दौरान अभियान की कार्यप्रणाली और आगामी रणनीति पर आधारित एक विस्तृत प्रेजेंटेशन (PPT) प्रस्तुत की गई। जनसभा को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने स्पष्ट किया कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति लाभांवित होगा। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और लाइन डिपार्टमेंट के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे चयनित गांवों में विशेष कैंप व अभियान चलाकर शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, पेंशन, पेयजल और वनाधिकार जैसी बुनियादी सुविधाओं से जनजातीय समुदाय को जोड़ें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटे नहीं।


विकास मित्रों और स्थानीय कर्मियों पर बड़ी जिम्मेदारी

इस अभियान को धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने के लिए प्रशासनिक समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। उप विकास आयुक्त (DDC) सारा अशरफ ने पंचायत और प्रखंड स्तर पर एक विशेष और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। उन्होंने रेखांकित किया कि इस पूरे अभियान की सफलता विकास मित्रों और स्थानीय कर्मियों की सक्रियता पर निर्भर करेगी, क्योंकि वे सीधे तौर पर ग्रामीण और जनजातीय समुदाय से जुड़े हुए हैं और उनकी वास्तविक जमीनी समस्याओं व आवश्यकताओं को सबसे बेहतर तरीके से समझते हैं।


शिक्षासुरक्षा और स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस

सभागार में उपस्थित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की भावी योजनाओं का खाका सामने रखा। पुलिस अधीक्षक (SP) शरथ आर एस ने जनजातीय समुदाय की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक भरोसे पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक समरसता की अपील की। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संग्राम सिंह ने स्कूल से बाहर रह गए जनजातीय बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाने का संकल्प जताया, जबकि सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने चयनित सुदूर गांवों में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर, मुफ्त टीकाकरण और पोषण संबंधी जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की।


प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह रहा जब प्रशासन और जनजातीय समुदाय के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ। सुदूर क्षेत्रों से आए जनजातीय समाज के लोगों ने समय पर योजनाओं की जानकारी न मिलने, जरूरी सरकारी दस्तावेजों की समस्या और सुदूर क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी जैसी व्यावहारिक चुनौतियों को अधिकारियों के समक्ष रखा। डीएम और अन्य वरीय अधिकारियों ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ जिले के सुदूरतम गांवों में समावेशी विकास की नई रोशनी पहुंचाएगा।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट