सुपौल में आग का तांडव: खाना बनाने के बाद अचानक लगी आग, दो घर जलकर राख

खाना बनाने के दौरान घर में लगी आग- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत लक्ष्मीनियां पंचायत के वार्ड संख्या 09 में सोमवार दोपहर आग लगने से भारी तबाही हुई। दोपहर करीब 12 बजे अचानक भड़की इस आग ने धीरज उरांव के परिवार को पूरी तरह सड़क पर ला दिया है। इस भयावह घटना में पीड़ित परिवार के दो घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।


आराम के दौरान भड़की आग 

मिली जानकारी के अनुसार, धीरज उरांव की पत्नी दोपहर का खाना बनाने के बाद घर के भीतर आराम कर रही थीं। इसी बीच चूल्हे की चिंगारी या अन्य कारण से अचानक घर से आग की लपटें उठने लगीं। जब तक घर के सदस्य कुछ समझ पाते, आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देख मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और बचाव कार्य शुरू किया गया।


ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा 

आग की विकरालता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। ग्रामीणों ने निजी पंप और बाल्टियों से पानी डालकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की इसी सक्रियता के कारण आग को पास के अन्य घरों में फैलने से रोक लिया गया, अन्यथा यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, धीरज उरांव का सब कुछ जल चुका था।


अनाज और सारा सामान हुआ खाक 

पीड़ित परिवार ने बताया कि इस अगलगी में घर में रखा सारा कीमती सामान, बर्तन, कपड़े और अन्य जरूरी कागजात जल गए। सबसे बड़ी त्रासदी यह रही कि परिवार ने साल भर के भोजन के लिए जो अनाज (चावल, गेहूं और मक्का) संचित कर रखा था, वह भी राख के ढेर में बदल गया। अब परिवार के सामने न केवल सिर छुपाने की जगह, बल्कि दाने-दाने की भी विकट समस्या खड़ी हो गई है।


मुआवजे की आस में पीड़ित परिवार 

घटना की सूचना मिलते ही लक्ष्मीनियां पंचायत के स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। जनप्रतिनिधियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इस घटना की जानकारी अंचल प्रशासन को देंगे और सरकारी प्रावधान के अनुसार पीड़ित परिवार को हर संभव उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे। फिलहाल, प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट