Saharsa Darbhanga Rail Section:सपनों को मिली रफ्तार, सहरसा-दरभंगा रेलखंड पर न्यू बायपास का आगाज़,न्यू झाझा जंक्शन पर थमेगी पहली पैसेंजर ट्रेन, जानिए क्या है ट्रेन का शेड्यूल?

Saharsa Darbhanga Rail Section: मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के यात्रियों के लिए आज का दिन एक नई उम्मीद और राहत लेकर आया है।...

न्यू झाझा जंक्शन पर थमेगी पहली पैसेंजर ट्रेन- फोटो : reporter

Saharsa Darbhanga Rail Section: मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के यात्रियों के लिए आज का दिन एक नई उम्मीद और राहत लेकर आया है। सहरसा-दरभंगा रेलखंड पर लंबे अरसे से प्रतीक्षित न्यू बायपास रेल मार्ग आखिरकार आज 26 अप्रैल से मुसाफिरों के लिए गुलजार हो गया है। अब तक सिर्फ मालगाड़ियों की आवाजाही तक सीमित रहे इस रूट पर अब यात्रियों की चहल-पहल शुरू हो गई है।

बैजनाथपुर अंदौली से न्यू झाझा जंक्शन तक बने इस नए रेल मार्ग के खुलने से स्थानीय लोगों की पुरानी मुराद पूरी हो गई है। इस ऐतिहासिक शुरुआत का श्रेय पूर्णिया कोर्ट–आनंद विहार स्पेशल ट्रेन को जाता है, जो आज यानी 26 अप्रैल की रात से इस बायपास मार्ग पर अपनी सेवा शुरू कर रही है। अब तक इस ट्रैक पर केवल मालगाड़ियों का संचालन होता था, जिससे स्थानीय यात्रियों को कोई सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा था। लेकिन इस ट्रेन के परिचालन से अब आवागमन की नई राहें खुल गई हैं।

यह सुविधा झाझा गांव और आसपास के दर्जनों गांवों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। अब लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए दूर-दराज के स्टेशनों तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर ट्रेन की सुविधा मिलने से लोगों के कीमती वक्त और जेब, दोनों की बचत होगी। न्यू झाझा जंक्शन और बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन का उद्घाटन तो पहले ही हो चुका था, लेकिन ट्रेन न रुकने से लोगों में जो मायूसी थी, वह अब उम्मीद में तब्दील हो गई है।

रेल विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन—मंगलवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी। ट्रेन का टाइम-टेबल इस प्रकार है:

पूर्णिया कोर्ट से प्रस्थान: शाम 4:30 बजे

सुपौल आगमन: रात 8:45 बजे (प्रस्थान 8:47 बजे)

न्यू झाझा जंक्शन आगमन: रात 9:10 बजे (प्रस्थान 9:15 बजे)

निर्मली आगमन: रात 9:45 बजे (प्रस्थान 9:47 बजे)

इलाके के लोगों की अब रेल मंत्रालय से मांग है कि सहरसा और दरभंगा के बीच दौड़ने वाली अन्य यात्री ट्रेनों का ठहराव भी न्यू झाझा और बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन पर सुनिश्चित किया जाए। लोगों का मानना है कि यदि अधिक ट्रेनों को यहाँ स्टॉपेज मिलता है, तो न केवल सफर आसान होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक तरक्की को भी नई रफ्तार मिलेगी।
रिपोर्ट - विनय कुमार मिश्र