Bihar Sport News : सुपौल की बेटियों का कमाल, किक बॉक्सिंग नेशनल लीग के लिए चार छात्राओं का चयन, चेन्नई में दिखाएंगी दम

Bihar Sport News : सुपौल की चार बच्चियों ने बड़ी उपलब्धि हासिल किया है. किक बॉक्सिंग नेशनल लीग के लिए इन छात्राओं का चयन किया गया है, जो चेन्नई में अपना दम दिखाएगी.....पढ़िए आगे

बच्चियों की बड़ी उपलब्धि - फोटो : SOCIAL MEDIA

SUPAUL : बिहार के सुपौल जिले से खेल जगत के लिए एक गौरवशाली खबर सामने आई है, जहाँ सरकार की खेल प्रोत्साहन नीतियों का असर अब ग्रामीण इलाकों में दिखने लगा है। जिले के किसनपुर प्रखंड की चार छात्राओं ने अपनी मेहनत और कौशल के दम पर राज्य स्तर पर सफलता हासिल कर अब नेशनल लेवल (राष्ट्रीय स्तर) के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। इन बेटियों के चयन से न केवल सुपौल बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र में हर्ष का माहौल है, और इसे महिला सशक्तिकरण की एक बड़ी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

सिल्वर और ब्रोंज मेडल जीतकर किया नाम रोशन

दरअसल, सिलीगुड़ी में आयोजित 'खेलो इंडिया अस्मिता किक बॉक्सिंग जोनल लीग 2025-26' में किसनपुर के मलाढ़ स्थित कोसी पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में राधा कुमारी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सिल्वर मेडल (रजत पदक) जीता, जबकि राजनंदनी, शिल्पी कुमारी और पंखुरी राज ने ब्रोंज मेडल (कांस्य पदक) हासिल किए। इन पदकों की बदौलत इन चारों खिलाड़ियों का चयन अब सीधे नेशनल लीग प्रतियोगिता के लिए हो गया है।

चेन्नई में नेशनल लेवल पर खेलेंगी सुपौल की बेटियां

राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद अब ये चारों खिलाड़ी आगामी 26 मार्च से 29 मार्च तक तमिलनाडु के चेन्नई में आयोजित होने वाली 'विमेंस खेलो इंडिया अस्मिता किक बॉक्सिंग नेशनल लीग' में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगी। नेशनल स्तर की इस प्रतियोगिता में देश भर के बेहतरीन खिलाड़ी जुटेंगे, जहाँ सुपौल की ये बेटियां अपनी किक और तकनीक के जरिए पदक जीतने के इरादे से रिंग में उतरेंगी।

कोसी पब्लिक स्कूल और प्रबंधन में खुशी का माहौल

एक साथ चार छात्राओं के नेशनल लेवल पर चयन से उनके विद्यालय, कोसी पब्लिक स्कूल मलाढ़ के प्रबंधन और शिक्षकों में काफी उत्साह है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र की इन बच्चियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद जो मुकाम हासिल किया है, वह प्रेरणादायक है। स्कूल परिसर में मिठाइयां बांटकर इस सफलता का जश्न मनाया गया और सभी ने इन छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य और चेन्नई में होने वाली प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

खेल योजनाओं का दिखने लगा है सकारात्मक प्रभाव

ग्रामीण क्षेत्र की इन लड़कियों का नेशनल लेवल तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और मंच मिले, तो गांव की बेटियां भी आसमान छू सकती हैं। सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही दूरगामी योजनाओं का ही परिणाम है कि आज बिहार के छोटे-छोटे गांवों से निकलकर खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। सुपौल के लोगों को उम्मीद है कि ये चारों बेटियां चेन्नई से भी मेडल जीतकर लौटेंगी और जिले का मान बढ़ाएंगी।

छोटू सरकार की रिपोर्ट