एक साल से कमरे में कैद मिली बच्ची, मासूम की दास्तान सुनकर पुलिस की कांप गई रुह

सुपौल जिले से मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने एक साल से एक कमरे में कैद बच्ची को बरामद किया है। मासूम बच्ची के शरीर पर चोट के निशान पाये गए है। वहीं उसने जो बात बताई उसे सुनकर पुलिस वालों की भी रुह कांप गई....

एक साल से कमरे में कैद मिली बच्ची- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के कृष्णापुरी (वार्ड संख्या-4) में मंगलवार को कथित मानव तस्करी (Human Trafficking) का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने एक बंद मकान में छापेमारी कर एक नाबालिग बच्ची को सुरक्षित बरामद किया है। परिजनों का आरोप है कि इस मासूम को पिछले एक साल से बंधक बनाकर कमरे में कैद रखा गया था। बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला बेहद संगीन हो गया है।


एक साल पहले मां और दो बेटियों के गायब होने से जुड़ा है मामला

इस खौफनाक दास्तान की परतें तब खुलीं जब पीड़ित बच्ची के पिता, जो पिपरा थाना क्षेत्र के कौशलीपट्टी (वार्ड-7) निवासी हैं, ने पुलिस को आपबीती बताई। पिता के अनुसार, 13 जुलाई 2025 को उनकी पत्नी अपनी दोनों बेटियों के साथ अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। उन्होंने इस संबंध में पिपरा थाने में लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने समय रहते इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई या प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी।


बड़ी बेटी ने भागकर दी सूचना, निशानदेही पर छोटी बहन की हुई बरामदगी

मामले में नाटकीय मोड़ दो दिन पहले आया, जब अचानक बड़ी बेटी ने किसी तरह चंगुल से भागकर अपने पिता को फोन किया। उसने बताया कि उन्हें अगवा कर बंधक बनाया गया था। परिजनों ने तुरंत सक्रिय होकर उसे बीएसएस कॉलेज के पास से सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद, बड़ी बेटी की ही निशानदेही पर मंगलवार को जब परिजन और पुलिस कृष्णापुरी स्थित उस संदिग्ध मकान में पहुंचे, तो वहां छोटी बेटी एक कमरे में बंद और लाचार हालत में पाई गई।


बच्ची का रूह कंपाने वाला आरोप: मां को कहीं 'बेच दिया गया'

बरामद हुई छोटी बच्ची ने पुलिस के सामने जो बयान दिया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। बच्ची का आरोप है कि एक साल पहले उसकी मां और बड़ी बहन के साथ उसे यहां लाया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी मां को आरोपियों द्वारा कहीं और "बेच दिया गया"। इसके बाद से उसे इसी मकान में कैद रखा गया और लगातार प्रताड़ित किया गया। पुलिस बच्ची के शरीर पर मिले जख्मों और इन गंभीर आरोपों को अपनी जांच का मुख्य आधार मानकर चल रही है।


थानाध्यक्ष का बयान: महिला हिरासत में, दर्ज होगी एफआईआर

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके पर मौजूद मकान मालकिन को हिरासत में ले लिया है, जिसके बयानों में लगातार विरोधाभास देखने को मिल रहा है। वीरपुर/सुपौल सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि आरोपी महिला को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। दोनों पीड़ित बच्चियों का विस्तृत मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराया जा रहा है। पुलिस इस मामले में मानव तस्करी और बाल उत्पीड़न की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जिले में सक्रिय पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुट गई है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट