सुपौल में युवाओं के लिए जिला स्तरीय रोजगार मेले का भव्य शुभारंभ, 2000 युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य

जिला स्तरीय रोजगार मेले का शुभारंभ- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को सुपौल के संयुक्त श्रम भवन स्थित जिला नियोजनालय प्रांगण में एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन सह व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त (डीडीसी) इंद्रवीर कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बेरोजगार युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सीधा रोजगार प्रदान करना है।


कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर डीडीसी का जोर 

समारोह को संबोधित करते हुए डीडीसी इंद्रवीर कुमार ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें और भविष्य में दूसरों को भी रोजगार देने का प्रयास करें। उन्होंने युवाओं से उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।


20 से अधिक कंपनियों की भागीदारी और 2000 नौकरियों का लक्ष्य 

इस नियोजन मेले में देश और राज्य की 20 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों एवं नियोजकों ने भाग लिया। विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाकर अभ्यर्थियों का ऑन-द-स्पॉट साक्षात्कार लिया। विभाग द्वारा इस मेले के माध्यम से लगभग 2000 योग्य युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।


करियर काउंसलिंग और स्टॉलों का निरीक्षण 

रोजगार के साथ-साथ मेले में युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार सही दिशा चुनने के लिए करियर काउंसलिंग और व्यावसायिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। डीडीसी ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर कंपनी प्रतिनिधियों और अभ्यर्थियों से सीधी बातचीत की तथा चयन प्रक्रिया एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।


अधिकारियों की उपस्थिति और युवाओं में उत्साह 

इस अवसर पर जिला नियोजन पदाधिकारी लरविन कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। मेले में सुपौल जिले के कोने-कोने से पहुंचे हजारों युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। इस पहल से रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को अपनी क्षमता के अनुरूप करियर शुरू करने का एक पारदर्शी मंच मिला है।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट