उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई: जेनरेटर मशीन के बॉक्स से 459 लीटर विदेशी शराब बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
सुपौल उत्पाद एवं मद्यनिषेध विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। विभाग की विशेष टीम ने त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र से भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप बरामद की है। शराब को जेनरेटर मशीन के बॉक्स में बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखा गया था....
Supaul : बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सुपौल उत्पाद एवं मद्यनिषेध विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। विभाग की विशेष टीम ने त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के लतौना मिशन के समीप नाकेबंदी कर भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप बरामद की है। तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचने के लिए शराब को एक जेनरेटर मशीन के बॉक्स में बेहद शातिर तरीके से छिपा रखा था, लेकिन सटीक गुप्त सूचना के आधार पर अधिकारियों ने इस पूरे खेल का भंडाफोड़ कर दिया।
पश्चिम बंगाल से मधेपुरा भेजी जा रही थी 6 ब्रांडों की शराब
उत्पाद एवं मद्यनिषेध विभाग के आरक्षी अधीक्षक अशोक कुमार ने बुधवार को बताया कि मंगलवार देर रात यह सफल ऑपरेशन चलाया गया। तलाशी के दौरान जेनरेटर के गुप्त बॉक्स से कुल 6 अलग-अलग नामचीन विदेशी ब्रांडों के 51 कार्टन बरामद किए गए, जिनमें 750 एमएल की 612 बोतलें थीं। जब्त की गई कुल 459 लीटर शराब में ग्रीन लेबल के 13 कार्टन, मैजिक मोमेंट के 16 कार्टन, बैगपाइपर के 5 कार्टन, रॉयल क्रिस्टल के 10 कार्टन तथा व्हाइट मिसचीफ के 7 कार्टन शामिल हैं, जिसे पश्चिम बंगाल से लाकर मधेपुरा में खपाने की तैयारी थी।
झारखंड और मधेपुरा के दो शातिर तस्कर दबोचे गए
इस छापेमारी के दौरान मौके से दो शराब तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत आजाद नगर निवासी महेंद्र दास के पुत्र नीरज कुमार (26 वर्ष) तथा मधेपुरा जिले के परसाही निवासी अनमोल यादव के पुत्र छोटू कुमार के रूप में हुई है। उत्पाद विभाग की टीम दोनों तस्करों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के मुख्य सरगना और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
मशीनों और गुप्त चैंबरों का सहारा ले रहे तस्कर, चाल नाकाम
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शराब माफिया बिहार में खेप पहुंचाने के लिए लगातार नए और चौंकाने वाले हथकंडे अपना रहे हैं। तस्कर कभी फलों की पेटियों, कभी ट्रकों के विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चैंबरों, तो कभी भारी मशीनों के भीतर शराब छिपाकर कानून को चुनौती देने का प्रयास करते हैं। इस बार भी जेनरेटर मशीन का इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए किया गया था, लेकिन उत्पाद विभाग की मुस्तैदी और डिजिटल सर्विलांस के कारण तस्करों की यह चाल पूरी तरह नाकाम साबित हुई।
इस सफल टीम में शामिल रहे ये जांबाज अधिकारी
तस्करी के खिलाफ इस बड़े अभियान को अंजाम देने वाली टीम में उत्पाद विभाग के निरीक्षक संजय कुमार सिंह, अवर निरीक्षक प्रीति कुमारी, सहायक उपनिरीक्षक (ASI) आनंद कुमार, विष्णुदेव यादव तथा अंजलि कुमारी सहित कई अन्य सुरक्षाकर्मी मुख्य रूप से शामिल थे। विभाग ने साफ संदेश दिया है कि सीमावर्ती और आंतरिक क्षेत्रों में गश्ती और जांच अभियान आगे भी इसी तरह आक्रामक रूप से जारी रहेगा और शराबबंदी का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट