लोक अदालत की तैयारी: 9 मई को होगा मामलों का निपटारा, 90 दिनों से लंबित ट्रैफिक चालान भी होंगे ऑनलाइन निष्पादित
Supaul : आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए जिला न्यायमंडल ने अपनी कमर कस ली है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अनंत सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला न्यायमंडल के तमाम न्यायिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहाँ सुलहनीय मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
9 मई को सजेगी साल की दूसरी लोक अदालत
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मोहम्मद अफजल आलम ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत 09 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में पक्षकारों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं। सचिव ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति से वादों का निपटारा करना है ताकि अदालतों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम किया जा सके।
ट्रैफिक चालान के लिए विशेष पहल
इस बार की लोक अदालत में विशेष रूप से ऑनलाइन ट्रैफिक चालान के निष्पादन पर जोर दिया गया है। बैठक में निर्देश दिया गया कि ऑनलाइन ट्रैफिक चालान के वैसे मामले, जो पिछले 90 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें इस लोक अदालत के माध्यम से निष्पादित किया जाएगा। इससे आम जनता को पुराने लंबित चालानों से राहत पाने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा और वे कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने मामलों का निपटारा कर सकेंगे।
न्यायिक अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर से ज्यादा से ज्यादा सुलहनीय मामलों को चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न केवल न्याय प्रक्रिया को गति देती है, बल्कि यह पक्षकारों के समय और धन की भी बचत करती है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि लोक अदालत के दिन पक्षकारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और अधिकतम मामलों का ऑन-द-स्पॉट समाधान निकले।
वरिष्ठ न्यायाधीशों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) राहुल उपाध्याय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिलीप कुमार, राकेश कुमार, तेजप्रताप, देवराज और अभिषेक मिश्रा सहित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रामचंद्र प्रसाद उपस्थित रहे। साथ ही गुरुदत्त शिरोमणि, सुदीप पांडेय, स्वाती चतुर्वेदी, श्वेताभ शांडिल्य, राखी कुमारी, प्रकाश आनंद और प्रियांशी कश्यप जैसे वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों ने भी अपने सुझाव साझा किए। अधिकारियों की इस सक्रियता से 9 मई को होने वाली लोक अदालत में रिकॉर्ड निष्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट