भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को लेकर भीमनगर में एसएसबी और एपीएफ की महा-बैठक: संयुक्त गश्त और ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने पर बनी सहमति

भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को लेकर एसएसबी और एपीएफ की महा-बैठक- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : भारत और नेपाल की खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए सुपौल जिले के भीमनगर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण समन्वय बैठक (कोऑर्डिनेशन मीटिंग) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह रणनीतिक बैठक भारत की तरफ से सीमा सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 45वीं वाहिनी और नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल (APF) के आला अधिकारियों के बीच संपन्न हुई। बैठक के दौरान सीमावर्ती इलाकों की वर्तमान सुरक्षा स्थिति, अवांछित गतिविधियों, आपसी तालमेल और दोनों देशों के बीच खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान प्रणाली (इंटेलिजेंस शेयरिंग) को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर विस्तृत और गंभीर चर्चा की गई।


मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के खिलाफ साझा चक्रव्यूह

विनय कुमार मिश्र की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल बैठक में दोनों मित्र देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा क्षेत्र में पैर पसार रहे ड्रग्स सिंडिकेट (मादक पदार्थों की तस्करी) और अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु कई कड़े और आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित 5 रणनीतिक बिंदुओं पर विशेष रूप से सहमति बनी और ब्लूप्रिंट तैयार किया गया:

  • तस्करी पर लगाम: नो-मैन लैंड और खुली सीमा के जरिए होने वाले अवैध आवागमन और मवेशी व सामानों की तस्करी की रोकथाम हेतु संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
  • त्वरित इनपुट शेयरिंग: किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, घुसपैठिए या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की स्थिति में दोनों देशों की चौकियां तुरंत एक-दूसरे को इनपुट साझा करेंगी।
  • एंटी-ट्रैफिकिंग ड्राइव: सीमावर्ती रास्तों से होने वाली मानव तस्करी (विशेषकर महिलाओं और बच्चों की तस्करी) और प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप को पकड़ने के लिए कड़ा पहरा बिठाया जाएगा।
  • प्रभावी जॉइंट पेट्रोलिंग: दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बल अपने-अपने क्षेत्रों में संयुक्त गश्त (जॉइंट पेट्रोलिंग) को और अधिक प्रभावी और सघन बनाएंगे।
  • आपातकालीन रिस्पॉन्स: सीमा क्षेत्र में आपसी शांति, मजबूत कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (क्विक रिस्पॉन्स) के लिए सहयोग प्रणाली को अपग्रेड किया जाएगा।


एसएसबी कमांडेंट गौरव सिंह और एपीएफ नेपाल के एसपी रोशन ने संभाली कमान

इस महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक में भारतीय विंग का नेतृत्व सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 45वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री गौरव सिंह ने किया। उनके साथ भारतीय दल में द्वितीय कमान अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा, सहायक कमांडेंट राहुल कुमार, निरीक्षक सा. हितेश्वरी चौधरी, उपनिरीक्षक सा. अनिल, सहायक उपनिरीक्षक सा. मोहन लाल सहित कई वरिष्ठ बलकर्मी मौजूद रहे। वहीं, नेपाल की ओर से सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के कड़े विंग का नेतृत्व 6वीं वाहिनी के एसपी रोशन और 4वीं वाहिनी के एसपी श्याम कुमार कार्की ने किया। नेपाली डेलिगेशन में भंटाबारी एपीएफ के डीएसपी समशेर कार्की, बीओपी तिलाठी के इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर ऋषि राम और बीओपी बरसाइन के इंस्पेक्टर अनिल कुमार ओली सहित कई सैन्य कार्मिक शामिल हुए।


आपातकालीन परिस्थितियों में दोनों देशों के फील्ड कमांडर सीधे करेंगे संपर्क

बैठक के अंतिम चरण में दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने सीमा पर आपसी विश्वास, पारंपरिक भाईचारे, सुरक्षा सहयोग और जमीनी समन्वय को और अधिक मजबूत व अटूट बनाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों के कमांडिंग अफसरों ने इस बात पर अपनी अंतिम मुहर लगाई कि सीमा पर शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की सेक्टर और कमांडेंट स्तरीय समन्वय बैठकों (फ्लैग मीटिंग) को नियमित अंतराल पर अंचल के विभिन्न कैंपों में आयोजित किया जाता रहेगा। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए दोनों देशों के फील्ड कमांडरों को सीधे हॉटलाइन या त्वरित संपर्क माध्यमों से जुड़े रहने का भी निर्देश दिया गया है।


खुली सीमा का फायदा उठाने वाले अपराधियों और देशविरोधी तत्वों में मचा हड़कंप

भीमनगर सीमा पर संपन्न हुई इस उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के बाद सीमा पार और भारतीय क्षेत्र के शराब, हथियार व जाली नोट के तस्करों सहित देशविरोधी तत्वों के बीच भारी हड़कंप मचा हुआ है। बैठक के तुरंत बाद एसएसबी और एपीएफ की टीमों ने सीमा से सटे नदी-नालों, जंगलों और संदेहास्पद पगडंडियों पर अपनी-अपनी चौकियों को हाई अलर्ट मोड पर डाल दिया है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के इस साझा सुरक्षा चक्रव्यूह के कारण अब अपराधियों के लिए सीमा पार कर कानूनी कार्रवाई से बच निकलना बिल्कुल नामुमकिन हो जाएगा और आम नागरिकों को सीमा पर एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल मिलेगा।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट