सीएम के दौरे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने ड्यूटी से गायब बीडीओ को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 10 मार्च को होने वाले सुपौल दौरे की तैयारियों में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी ने सुपौल बीडीओ कृष्णा कुमारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। बता दें कि कल नीतीश कुमार सुपौल दौरे पर जाने वाले हैं।

Supaul - सुपौल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी बीच, सुपौल प्रखंड की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कृष्णा कुमारी पर गाज गिरी है। जिलाधिकारी सावन कुमार ने अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही को देखते हुए उन्हें बीडीओ के पद के कार्य दायित्व से मुक्त कर दिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) में प्रतिनियुक्त किया गया है। 

बिना सूचना मुख्यालय से गायब रहना पड़ा भारी

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 10 मार्च को मुख्यमंत्री का सुपौल भ्रमण कार्यक्रम निर्धारित है। इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए सभी अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहकर कार्यों के निष्पादन का सख्त निर्देश दिया गया था। हालांकि, 8 मार्च को जब जिलाधिकारी ने किसी आवश्यक कार्य के लिए बीडीओ कृष्णा कुमारी की खोज की, तो वे बिना किसी पूर्व सूचना के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाई गईं। प्रशासन का मानना है कि उनकी इस अनुपस्थिति से वीवीआईपी कार्यक्रम की तैयारियों में व्यवधान उत्पन्न हुआ। 

तैयारियों में 'अरुचि' और प्रशासनिक कड़ाई

जिलाधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि बीडीओ कृष्णा कुमारी द्वारा 'समृद्धि यात्रा' से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित अभिरुचि नहीं ली जा रही थी। दौरे की महत्ता को देखते हुए जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही माना, जिससे कार्यक्रम की सफलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना थी। प्रशासनिक दृष्टिकोण से कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह त्वरित कार्रवाई की गई है। 

प्रवीण कुमार रजक को मिला सुपौल का प्रभार

बीडीओ कृष्णा कुमारी को निर्देश दिया गया है कि वे अपना पूरा प्रभार छातापुर के ग्रामीण विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार रजक को सौंप दें। प्रवीण कुमार रजक को सुपौल प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया है। उन्हें बिहार कोषागार संहिता के तहत निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं, ताकि वित्तीय कार्यों और यात्रा की तैयारियों में कोई रुकावट न आए। 

अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश

प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री के दौरे से पहले एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि वीवीआईपी ड्यूटी और विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुपौल प्रखंड के नए बीडीओ को अविलंब प्रभार ग्रहण कर सभी लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

रिपोर्ट - विनय कुमार मिश्रा