शराब माफिया का नंगा नाच: छापेमारी करने गई उत्पाद टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला, महिला दारोगा का सिर फटा, 7 गिरफ्तार

बिहार के सुपौल जिले में शराबबंदी कानून लागू कराने गई उत्पाद विभाग की टीम पर शराब तस्करों और उनके समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में महिला एएसआई (ASI) अंजलि कुमारी का सिर फट गया और वे लहूलुहान हो गई।

Supaul -  बिहार के सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत श्रीपुर पंचायत में शराबबंदी कानून का पालन कराने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर तस्करों और उनके समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। बुधवार की शाम हुई इस हिंसक झड़प में टीम का नेतृत्व कर रही महिला एएसआई (ASI) अंजलि कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। तस्करों ने न केवल पुलिस बल पर पथराव किया, बल्कि सरकारी वाहनों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

घटना के संबंध में बताया जाता है कि उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि श्रीपुर पंचायत के वार्ड नंबर 11 निवासी जोगिंदर सरदार के घर से बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना के सत्यापन के लिए तीन पदाधिकारियों और 9 कांस्टेबलों की टीम लगभग साढ़े सात बजे मौके पर पहुंची। जैसे ही टीम ने घेराबंदी शुरू की, पूर्व में जेल जा चुके तस्कर जोगिंदर सरदार के समर्थकों और परिजनों ने टीम को चारों तरफ से घेर लिया।

देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और लाठी-डंडों व ईंट-पत्थरों से टीम पर हमला बोल दिया। इसी आपाधापी के बीच हमलावरों ने एएसआई अंजलि कुमारी को निशाना बनाया, जिससे उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। स्थिति को बेकाबू होते देख उत्पाद निरीक्षक संजय सिंह ने सूझबूझ का परिचय दिया और घायल महिला अधिकारी को भीड़ के चंगुल से निकालकर तुरंत इलाज के लिए सिमराही अस्पताल रवाना किया।

हमले की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस ने श्रीपुर पंचायत में धावा बोला। पुलिस की इस भारी दबिश के बाद हमलावर तस्करों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से सात चिन्हित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे फिलहाल पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि राघोपुर प्रखंड में पुलिस पर हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले तेकुना पंचायत के झंगराही टोला में भी छापेमारी के दौरान ग्रामीणों ने तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मियों को जख्मी कर दिया था। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने शराब माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस और स्थानीय स्तर पर उनके नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।