खाकी पर भारी पड़े 'शराब माफिया': छापेमारी करने गई टीम पर जानलेवा हमला, थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मी लहूलुहान!

सुपौल के करजाईन में तस्कर को दबोचने पहुंची पुलिस पर गांव वालों ने किया जानलेवा हमला। थानाध्यक्ष मनीष कुमार समेत 5 जवान जख्मी, मौके से मिला गोली का खोखा। पुलिस की रेड या माफिया का आतंक? पढ़ें ग्राउंड जीरो की यह रिपोर्ट।

Supaul - : बिहार में शराबबंदी के बीच शराब तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे पुलिस पर हमला करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला सुपौल जिले के करजाईन थाना क्षेत्र के सीतापुर गांव का है, जहां बुधवार देर रात छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों और तस्करों के समर्थकों ने हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में करजाईन थानाध्यक्ष मनीष कुमार समेत पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

फरार तस्कर को पकड़ते ही भड़क उठी भीड़

जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि शराब तस्करी मामले का फरार आरोपी सरोज कुमार मेहता सीतापुर गांव में मौजूद है। थानाध्यक्ष मनीष कुमार के नेतृत्व में जैसे ही टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया, वहां मौजूद शराब धंधेबाजों और उनके समर्थकों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया। गिरफ्तारी का विरोध करते हुए भीड़ ने पुलिस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

अस्पताल में भर्ती पुलिसकर्मी, जांच के आदेश

हमले में जख्मी थानाध्यक्ष और अन्य चार जवानों को आनन-फानन में रेफरल अस्पताल राघोपुर लाया गया। ड्यूटी पर तैनात डॉ. निखिल आनंद ने बताया कि देर रात घायल पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे थे, जिनका प्राथमिक उपचार किया गया है। चोट की गंभीरता को देखते हुए एक्स-रे और अन्य जरूरी जांचें करवाई गई हैं। फिलहाल सभी पुलिसकर्मियों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस की गोली या तस्करों की साजिश? बरामद हुआ खोखा

इस पूरे घटनाक्रम में एक नया मोड़ तब आया जब घटनास्थल से गोली का खोखा बरामद हुआ। डीएसपी बीरपुर सुरेंद्र कुमार ने पुष्टि की है कि आरोपी सरोज कुमार मेहता को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बरामद खोखा पुलिस की बंदूक से नहीं गिरा है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि हमलावरों के पास हथियार कहां से आए और क्या पुलिस को डराने के लिए हवाई फायरिंग की गई थी।

आरोपी पक्ष का पलटवार: 'बिना महिला पुलिस के घर में घुसी टीम'

दूसरी ओर, आरोपी पक्ष के लोगों ने पुलिस पर ही गंभीर आरोप मढ़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि देर रात बिना किसी वारंट और महिला पुलिस के, बड़ी संख्या में पुलिस बल घरों में घुस गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और पुरुषों के साथ मारपीट की और इस दौरान फायरिंग भी की गई। ग्रामीणों ने मौके से मिले खोखे को सबूत के तौर पर पेश करते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।