सुपौल का नाम रोशन: SCE के पूर्व छात्र कृष्ण कांत का NTPC में चयन, GATE में हासिल की थी 23वीं रैंक

SCE के पूर्व छात्र का NTPC में चयन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार के तकनीकी शिक्षा जगत के लिए गर्व का विषय है कि सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (SCE) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व छात्र कृष्ण कांत (सत्र 2018–2022) ने देश की प्रतिष्ठित महारत्न कंपनी एनटीपीसी (NTPC) में कार्यपालक अभियंता ट्रेनी (Executive Engineer Trainee) के पद पर चयनित होकर बड़ी सफलता हासिल की है। कृष्ण कांत की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले और महाविद्यालय का मान बढ़ाया है।


GATE परीक्षा में दिखाया था मेधा का दम 

कृष्ण कांत की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने गेट मैकेनिकल इंजीनियरिंग (GATE ME) की परीक्षा में 774 के उत्कृष्ट स्कोर के साथ अखिल भारतीय स्तर पर 451वीं रैंक हासिल की थी। इसके अलावा, उनकी असाधारण प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने GATE (XE) में पूरे भारत में 23वीं रैंक (AIR-23) प्राप्त कर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया था।


IIT कानपुर से कर रहे हैं उच्च शिक्षा 

वर्तमान में कृष्ण कांत देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से एम.टेक (M.Tech) की पढ़ाई कर रहे हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति उनके झुकाव ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। एनटीपीसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में चयन होना उनकी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि और उनकी विषय पर पकड़ की मजबूती को दर्शाता है।


प्राचार्य और शिक्षकों ने जताई खुशी

इस शानदार उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एन. मिश्र ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कृष्ण कांत की सफलता संस्थान के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने इसे छात्र की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का सुखद परिणाम बताया। प्रोफेसर आनंद प्रकाश और डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां अन्य छात्रों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।


महाविद्यालय परिवार में जश्न का माहौल 

कृष्ण कांत के चयन की खबर मिलते ही सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग परिवार में हर्ष की लहर दौड़ गई। शिक्षकों और सहपाठियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल करियर की कामना की है। महाविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि कृष्ण कांत की राह पर चलते हुए आने वाले समय में संस्थान के और भी छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहराएंगे।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट