त्रिवेणीगंज में धूमधाम से मनाई गई महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की 142वीं जयंती, जयकारों से गूंजा बाजार

धूमधाम से मनाई गई महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की जयंती- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : प्रखंड मुख्यालय स्थित त्रिवेणीगंज बाजार में गुरुवार को सद्गुरु परम पूज्य महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की 142वीं पावन जयंती अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सुबह भव्य प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सद्गुरु के जयकारों से पूरा बाजार क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया और भक्तों ने पूर्ण अनुशासन के साथ नगर भ्रमण कर गुरु महिमा का गुणगान किया।


आश्रम में गूंजी बिनती और प्रार्थनाहुआ भंडारा 

प्रभातफेरी के समापन के पश्चात स्थानीय महर्षि मोहल्ला स्थित महर्षि आश्रम में विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यहाँ श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से ध्यान-अभ्यास, बिनती एवं प्रार्थना में भाग लिया। कार्यक्रम के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सत्संगी माता-बहनों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान आश्रम परिसर गुरुभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।


मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा गुरु महाराज का जीवन 

जयंती समारोह को संबोधित करते हुए पूज्यपाद स्वामी भुवानन्द जी ने कहा कि सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या और मानव कल्याण के लिए समर्पित था। उन्होंने भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि गुरु महाराज ने आत्मिक उन्नति के लिए ध्यान, नाम-सुमिरन और सत्संग को ही सर्वोत्तम मार्ग बताया है। स्वामी जी ने जोर दिया कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मा की शुद्धि और परमात्मा की प्राप्ति है।


भौतिकवादी युग में प्रासंगिक हैं गुरु के उपदेश 

अपने प्रवचन के दौरान स्वामी जी ने वर्तमान समय की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज के भौतिकवादी युग में सद्गुरु के उपदेश और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आग्रह किया कि वे गुरु महाराज के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बनाएं। साथ ही समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिकता का प्रसार करने का संकल्प लें ताकि एक आदर्श समाज का निर्माण हो सके।


बड़ी संख्या में उपस्थित रहे श्रद्धालु 

शांति पाठ के साथ संपन्न हुए इस भव्य कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष भुवनेश्वरी प्रसाद यादव, गजेन्द्र प्रसाद यादव, राघवेंद्र पांडेय, और ब्रजेन्द्र यादव सहित कई गणमान्य लोग सक्रिय रहे। इस अवसर पर अरविंद कुमार, शिव प्रसाद साह, विनीता देवी, अर्चना कुमारी और सुशील सहित सैकड़ों की संख्या में सत्संगी माताएं-बहनें एवं श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने इस पावन पर्व को सफल बनाया।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट