सीएम ने बलुआ में पूर्व सीएम स्वर्गीय डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का किया अनावरण, कोसी-मेची लिंक परियोजना की समीक्षा की
Suapaul : पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. जगन्नाथ मिश्र की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को सुपौल जिले के बलुआ बाजार पहुंचे। यहां उन्होंने राजकीयकृत ललित नारायण हाई स्कूल परिसर के समीप आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर बलुआ बाजार में खासा उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
कोसी-मेची लिंक परियोजना का लिया जायजा: अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना के कार्यस्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की वर्तमान प्रगति और निर्माण कार्यों का ब्योरा अधिकारियों से लिया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजना के कार्य में तेजी लाने और समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था: हेलीपैड से लेकर सुरक्षा तक कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस के नेतृत्व में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। राजकीयकृत ललित नारायण हाई स्कूल परिसर में हेलीपैड का निर्माण कराया गया था, वहीं त्रिवेणीगंज और वीरपुर के अनुमंडलीय अधिकारियों की देखरेख में सुरक्षा, पार्किंग और यातायात नियंत्रण के विशेष प्रबंध किए गए थे। कार्यक्रम स्थल पर मंत्री नीतीश मिश्रा, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी समेत कई सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बलुआ को प्रखंड बनाने की उठी मांग: पूर्व सीएम के योगदान को किया गया याद
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष बलुआ को प्रखंड का दर्जा देने की पुरानी मांग रखी, जिस पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि 24 जून 1937 को बलुआ बाजार में जन्मे डॉ. जगन्नाथ मिश्र बिहार के तीन बार (1975-77, 1980-83 और 1989-90) मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे थे। 19 अगस्त 2019 को उनके निधन के बाद से हर साल उनकी पुण्यतिथि पर क्षेत्रवासी उनके योगदान को याद करते हैं।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट