बच्चों के विवाद में पड़ोसियों ने लोहे की रॉड से छात्र को पीटा, इलाज के दौरान मौत; परिवार का इकलौता चिराग बुझा

वैशाली जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मामूली विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं। बच्चों के झगड़े में पड़ोसियों के हिंसक हमले ने नौवीं कक्षा के एक छात्र की जान ले ली।

Vaishali - वैशाली जिले के महिसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत डीह बिचौली गांव में पड़ोसियों की हैवानियत का शिकार हुए 16 वर्षीय छात्र सुधीर कुमार की पटना के एक अस्पताल में मौत हो गई। नौवीं कक्षा में पढ़ने वाला सुधीर अपने पिता का इकलौता बेटा था। इस घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मामूली विवाद और घात लगाकर हमला

घटना की पृष्ठभूमि बच्चों के बीच हुए एक छोटे से विवाद से जुड़ी है। मृतक के चाचा बुधन कुमार के अनुसार, कुछ समय पहले सुधीर का पड़ोसी पवन महतो और उनके बेटे के साथ झगड़ा हुआ था। उस वक्त मामला शांत हो गया था, लेकिन आरोपियों के मन में रंजिश बाकी थी। 30 जनवरी 2026 की सुबह जब सुधीर शौच के लिए घर से बाहर निकला और गांव की एक पुलिया पर बैठा था, तभी आरोपियों ने घात लगाकर लोहे की रॉड से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

मजदूर पिता का इकलौता सहारा छीना

मृतक सुधीर कुमार (16 वर्ष) उदय महतो का इकलौता बेटा था। उदय महतो मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सुधीर की दो छोटी बहनें हैं, जिनके सिर से भाई का साया हमेशा के लिए उठ गया है। गांव वालों के मुताबिक, सुधीर पढ़ाई में होनहार था और अपने परिवार की गरीबी दूर करने का सपना देखता था, लेकिन पड़ोसियों की आपसी रंजिश ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी।

अस्पताल में ऑपरेशन के बाद तोड़ा दम

हमले के तुरंत बाद सुधीर बेहोश हो गया था। स्थानीय लोगों की मदद से उसे हाजीपुर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पटना रेफर कर दिया। पटना के अस्पताल में डॉक्टरों ने सुधीर के ब्रेन का ऑपरेशन किया। परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन की भारी-भरकम फीस भी जमा करवा ली, लेकिन अंततः सुधीर को बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी

महिसौर थाना अध्यक्ष आशीष कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मारपीट में घायल किशोर की मौत इलाज के दौरान हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया है। थाना अध्यक्ष ने जानकारी दी कि मारपीट के संबंध में 30 जनवरी को ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई थी। घटना के बाद से ही पवन महतो और उसके परिवार के आरोपी सदस्य फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

Report - Rishav kumar